ओली के इस्तीफे के बाद सियासत और भी गरमाई! सुशीला कार्की, कुलमन घीसिंग या फिर कोई...

ओली के इस्तीफे के बाद सियासत और भी गरमाई! सुशीला कार्की, कुलमन घीसिंग या फिर कोई और.. जानें कौन मारेगा 'नेपाल PM' की रेस

कई नाम है इस रेस में शामिल

ओली के इस्तीफे के बाद सियासत और भी गरमाई सुशीला कार्की कुलमन घीसिंग या फिर कोई और जानें कौन मारेगा नेपाल pm की रेस

न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क:
नेपाल की सियासत एक बार फिर रोमांचक मोड़ पर खड़ी हैं. केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद अब हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि नेपाल का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा. इसी बीच देश की युवा पीढ़ी यानी Gen-Z ने एक वर्चुअल मीटिंग के जरिए बड़ा संकेत दिया हैं. इस डिजिटल वोटिंग में सबसे आगे रही है नेपाल की पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की.


Gen-Z का अनोखा प्रयोग
काठमांडू से लेकर सोशल मीडिया tak हर जगह Gen-Z का यह कदम चर्चा में हैं. करीब 5000 से ज्यादा युवाओं ने इस वर्चुअल बैठक में हिस्सा लिया और 72 वर्षीय सुशीला कार्की को सबसे भरोसेमंद उम्मीदवार माना. कार्की ने प्रधानमंत्री पद के किए नाम सामने आने के बाद 1000 लिखित समर्थन पत्र मांगे थे लेकिन उन्हें 2500 से भी ज्यादा समर्थन मिल गया.


क्यों खास है सुशीला कार्की?
आखिर क्यों सुशीला कार्की इस पद के लिए खास मानी जाती है, इसे पॉइंट्स में समझे:

  • साल 2016 में सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस के पद पर नियुक्त थी.
  • सुशीला कार्की अपने साहसिक फैसलों और भ्रष्टाचार विरोधी छवि के लिए जानी जाती हैं.
  • सुशीला कार्की संविधान मसौदा समिति की सदस्य रह चुकी हैं.
  • सुशीला कार्की न्यायपालिका में महिलाओं के लिए बाधाएं तोड़ने वाली पथप्रदर्शक भी रही हैं.
  • उनका पूरा करियर सामाजिक बदलाव और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक रहा हैं. यहीं कारण है कि आज भी वे नेपाल की राजनीति में क्लीन और करप्शन-फ्री चेहरा मानी जाती हैं.

 

बाकी नाम भी रेस में
हालांकि यह लड़ाई सिर्फ सुशीला कार्की तक सीमित नहीं हैं. चर्चा में और भी बड़े नाम है-


कुलमन घीसिंग 
कुलमन घीसिंग नेपाल विद्युत प्राधिकरण (NEA) के एक जाने-माने पूर्व प्रबंध निदेशक है, जिन्हें नेपाल में दशकों से चली आ रही लोड-शेडिंग (बिजली कटौती) की समस्या को खत्म करने का श्रेय दिया जाता हैं. उनके नेतृत्व में जो कि 14 सितंबर, 2016 को शुरू हुआ, नेपाल में दैनिक 18 घंटे तक की बिजली कटौती समाप्त हो गई, जिससे देश में बिजली की उपलब्धता में क्रांतिकारी सुधार आया.


कुलमन घीसिंग को 
कुलमन घीसिंग को 14 सितंबर, 2016 को कैबिनेट के फैसले के बाद NEA का प्रबंध निदेशक  नियुक्त किया गया था. इस नियुक्ति से पहले वे दो दशक से भी अधिक समय तक NEA से जुड़े रहे. वे चिलिमे हाइड्रोपावर कंपनी के प्रबंध निदेशक और राहुघाट जलविद्युत परियोजना के प्रमुख के रूप में भी काम कर चुके थे.
प्रबंध निदेशक बनने के बाद उन्होंने लोड-शेडिंग को खत्म करने को अपना प्राथमिक लक्ष्य बताया. उनके कार्यकाल में यह लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया गया, जिससे उन्हें जनता के बीच व्यापक लोकप्रियता मिली.


साल 11 अगस्त, 2021 को उन्हें दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त किया गया. हालांकि उनका कार्यकाल 9 अगस्त, 2025 को समाप्त होने वाला था लेकिन 24 मार्च, 2025 को उन्हें अचानक पद से हटा दिया गया. उनके बर्खास्तगी के फैसले ने पूरे नेपाल में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया. उनके समर्थकों ने इस कदम को अन्यायपूर्ण बताया और सरकार की आलोचना की. इस फैसले ने सत्तागढ़ गठबंधन में भी आतंरिक मतभेद पैदा किए, जहां कांग्रेस के कुछ नेताओं ने भी इसका विरोध किया और संभावित अशांति पर चिंता व्यक्त की. कुलमन घीसिंग की बर्खास्तगी से यह स्पष्ट हुआ कि वे केवल एक प्रशंसक नहीं बल्कि देश के एक लोकप्रिय नायक बन चुके थे, जिन्होने नेपाल की ऊर्जा व्यवस्था को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. अब ये देखने वाली बता होगी कि क्या नेपाल PM की रेस में कुलमन घीसिंग बाजी मारते है या नहीं?


सागर ढकाल
सागर ढकाल नेपाल के एक अनुभवी हाइड्रो-मैकेनिकल इंजीनियर हैं. उन्होंने 2018 में रीजेंट्स पार्क कॉलेज, ऑक्सफोर्ड से जल विज्ञान, नीति और प्रबंधन (एमएससी) की डिग्री हासिल की. उनकी पढ़ाई को ऑक्सफोर्ड-वेडेनफेल्ड और हॉफमैन छात्रवृति से वित्तपोषित किया गया था.  ऑक्सफोर्ड जाने से पहले, सागर ने MWH (अमेरिका) और SMEC (ऑस्ट्रेलिया) की अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ मिलकर नेपाल के ऊर्जा मंत्रालय की 410 मेगावट की नालसिंग गाड स्टोरेज हाइड्रोपावर परियोजना पर काम किया.


अपने करियर में सागर ने जल विद्युत संसाधनों पर गहन शोध किया हैं. उनके शोध पत्र दुनिया की कई प्रमुख पत्रिकाओं और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में प्रकाशित हुए हैं. उन्होंने कई शोध अनुदान भी जीते है, जिनकी कुल राशि 100,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक  हैं. एक शोधकर्ता होने के साथ-साथ सागर एक लेखक भी हैं. उन्होंने नेपाल के हाई स्कूल के छात्रों के लिए भौतिकी और गणित पर कई किताबें लिखी हैं. अब तक उनकी 7 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है और नेपाली बाजर में 25,000 से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं. पेशेवर और शैक्षणिक उपलब्धियों के अलावा, सागर एक युवा कार्यकर्ता भी हैं. वह अमेरिकी दूतावास की नागरिक जुड़ाव परियोजना के टीम लीडर थे और उन्हें यूएसवाईसी (अमेरिकी दूतावास युवा परिषद, काठमांडू)-2015 का सदस्य भी चुना गया था.


हरका संपांग 
कुछ प्रदर्शनकारियों ने हरका सम्पांग के नाम पर भी सहमति जताई हैं. हरका, नेपाल के धरान शहर के मेयर हैं और उन्हें धरान में कई विकास कार्यों के लिए जाना जाता हैं. वे नए नेतृत्व के बारे में कह चुके है कि देश के बारे में निर्णय सिर्फ काठमांडू में ही नहीं लिए जाने चाहिए. हरका जिस धरान के मेयर है, उसे एक विद्रोही शहर की छवि मिली हुई हैं.


उन्हें साल 2022 में धरान का मेयर चुना गया था. इसके अलवा वह धरान में विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए जाने जाते हैं. इस साल यानी 2025 में संपंग ने धरान में 'हरका संपांग: एक रेवोल्यूशन टीम' शुरू करने की अपनी योजना के बारे में भी बात की थी.


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