न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना / बक्सर - करीब डेढ़ महीने तक चले कार्य बहिष्कार के बाद पंचायत सचिवों के वापस ड्यूटी पर लौटने से ग्रामीण क्षेत्रों में रुके हुए कई जरूरी काम दोबारा शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। सचिवों की अनुपस्थिति के कारण पंचायत स्तर पर होने वाली कई प्रशासनिक सेवाएं प्रभावित थीं, जिससे आम लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।
हाईलाइट्स-
- डेढ़ महीने बाद पंचायत सचिवों ने संभाला कार्यभार।
- जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लंबित आवेदनों का होगा निपटारा।
- वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन मामलों में आएगी तेजी।
- पीएम आवास और नल-जल योजना से जुड़े कार्यों को मिलेगी रफ्तार।
- प्रशासन ने लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के दिए निर्देश।
प्रमाण पत्र और पेंशन से जुड़े मामलों का होगा निपटारा
हड़ताल की अवधि में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया लगभग ठप हो गई थी। इसके अलावा वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन से संबंधित आवेदनों का निष्पादन भी लंबित पड़ा था। आवश्यक दस्तावेजों और प्रमाण पत्रों के लिए ग्रामीणों को बार-बार पंचायत कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। अब सचिवों के कार्यभार संभालने के बाद लंबित आवेदनों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।
विकास योजनाओं को मिलेगी नई गति
पंचायत सचिवों की वापसी से प्रधानमंत्री आवास योजना, हर घर नल-जल योजना समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े कागजी कार्यों और भुगतान प्रक्रियाओं में भी तेजी आएगी। प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज पासवान ने बताया कि सचिवों की हड़ताल के कारण पंचायतों के कई विकास कार्य प्रभावित हुए थे। अब सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया गया है, ताकि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके और विकास योजनाओं का लाभ समय पर मिल पाए।
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