न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
अश्मित सिन्हा / पूजा शर्मा ( संवाददाता ) / पटना - बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज होने जा रही है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar गुरुवार को दोपहर 12:15 बजे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इसके लिए वे दिल्ली रवाना हो रहे हैं। माना जा रहा है कि शपथ ग्रहण के बाद वे उसी दिन पटना लौट सकते हैं। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने जानकारी दी है कि 13 अप्रैल के बाद बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इस बयान के बाद राज्य की सियासत में कयासों का दौर तेज हो गया है।
हाइलाइट्स:
- Nitish Kumar कल 12:15 बजे लेंगे राज्यसभा में शपथ
- शपथ के बाद पटना लौट सकते हैं
- 13 अप्रैल के बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया
- संजय झा ने दिए संकेत
- विजय कुमार चौधरी दिल्ली रवाना
नई सरकार के गठन के संकेत
जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा है कि 13 अप्रैल के बाद बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इधर बिहार सरकार के मंत्री विजय कुमार चौधरी भी दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। वे मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होंगे और इसे महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना माना जा रहा है। विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के शपथ लेने और संभावित इस्तीफे के बाद ही नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।
इससे बिहार में सियासी समीकरणों के बदलने के संकेत मिल रहे हैं। राज्यसभा की सदस्यता और उसके बाद की प्रक्रिया को लेकर बिहार में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। 13 अप्रैल के बाद नई सरकार के गठन को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
भाजपा कार्यालय के बाहर लगा पोस्टर, बढ़ी सियासी हलचल
पोस्टर में लिखा था— “वाल्मीकि समाज संघ की यही पुकार, बिहार में हो सम्राट की सरकार।” जानकारी के अनुसार यह पोस्टर वाल्मीकि समाज संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वाल्मीकि उर्फ रमैया के नेतृत्व में लगाया गया था। पोस्टर लगते ही राजनीतिक हलकों में कयासों का दौर शुरू हो गया कि क्या भाजपा के भीतर नेतृत्व को लेकर कोई नई रणनीति बन रही है।
हालांकि यह पोस्टर ज्यादा देर तक नहीं टिक सका। कुछ ही घंटों के भीतर इसे फाड़ दिया गया। पोस्टर हटाए जाने के पीछे किसका हाथ है, यह अब तक साफ नहीं हो पाया है। इस घटना ने सियासी गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर समय-समय पर कई नाम चर्चा में आते रहे हैं। इनमें सम्राट चौधरी का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता रहा है। ऐसे में इस तरह का पोस्टर लगना कई राजनीतिक संकेत दे रहा है।
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