Bihar New CM News: नीतीश के दिल्ली कनेक्शन से बढ़ी हलचल, अफसरों की ‘दिल्ली दौड़’ पर सियासत गरम

नीतीश कुमार के दिल्ली जाने की चर्चाओं के बीच उनके करीबी IAS अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति ने बिहार की राजनीति को गरमा दिया है। विपक्ष इसे ‘डर का माहौल’ बता रहा है।

By : sawan kumar
Bihar New CM News: नीतीश के दिल्ली कनेक्शन से बढ़ी हलचल, अफसरों की ‘दिल्ली दौड़’ पर सियासत गरम

नीतीश के दिल्ली कनेक्शन से बढ़ी हलचल, अफसरों की ‘दिल्ली दौड़’ पर सियासत गरम

न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

नीलकमल / पटना :  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा में शपथ लेने के बाद बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री का अगला पड़ाव अब राष्ट्रीय राजनीति हो सकता है। इसी के साथ उनके करीबी अधिकारियों की गतिविधियां भी चर्चा में आ गई हैं।

हाईलाइट्स :

  • Nitish Kumar के राज्यसभा शपथ के बाद दिल्ली जाने की अटकलें तेज
  • करीबी IAS अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी
  • बिहार कैडर में पहले से ही अधिकारियों की कमी, बढ़ सकता है दबाव
  • IAS को प्राथमिकता, IPS फाइलों में देरी की चर्चा
  • विपक्ष ने साधा निशाना, RJD ने बताया ‘डर का माहौल’
  • आने वाले समय में बिहार की सियासत और प्रशासन पर पड़ सकता है बड़ा असर
  • करीबी IAS अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले कई वरिष्ठ IAS अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की तैयारी में हैं। जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें अनुपम कुमार, प्रतिमा एस वर्मा, वंदना प्रेयसी, गोपाल सिंह, बी. राजिंदर और हरजोत कौर बम्हारा शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन अधिकारियों की फाइलें तेजी से आगे बढ़ाई जा रही हैं। प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि जहां IAS अधिकारियों की फाइलों को प्राथमिकता मिल रही है, वहीं IPS अधिकारियों की फाइलों में अपेक्षाकृत देरी हो रही है। इसे लेकर भी कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

बिहार कैडर की स्थिति: संख्या से कम तैनाती

आंकड़ों के अनुसार, फिलहाल बिहार कैडर के 29 IAS अधिकारी केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं, जबकि करीब 78 अधिकारी इसके लिए पात्र हैं। बिहार में कुल स्वीकृत IAS पद 359 हैं, लेकिन फिलहाल सिर्फ 303 अधिकारी ही तैनात हैं। ऐसे में अगर और अधिकारी दिल्ली जाते हैं, तो राज्य में प्रशासनिक दबाव बढ़ सकता है।

विपक्ष का हमला: ‘डर के कारण दिल्ली का रास्ता’

इस पूरे मामले पर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। आरजेडी प्रवक्ता Ejaz Ahmed का कहना है कि आने वाला मुख्यमंत्री बीजेपी का हो सकता है, ऐसे में वर्तमान अधिकारी खुद को सुरक्षित रखने के लिए केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का रास्ता तलाश रहे हैं। उनका आरोप है कि अधिकारी “बली का बकरा” बनने से बचना चाहते हैं।

विशेषज्ञों की राय: सियासत और सिस्टम दोनों पर असर

राजनीतिक विश्लेषक डॉ. संजय कुमार का मानना है कि यदि Nitish Kumar दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हैं, तो इसका सीधा असर बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था और सियासी समीकरणों पर पड़ेगा। फिलहाल बिहार की राजनीति में यह मुद्दा गरमाया हुआ है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री के राजनीतिक कदम और अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को लेकर क्या ठोस निर्णय सामने आता है।

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