न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - जहानाबाद की NEET छात्रा से जुड़े मामले ने पटना में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया है। कारगिल चौक पर परिजन और समर्थक बड़ी संख्या में जुटे और जांच प्रक्रिया के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सीबीआई का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
परिजनों का कहना है कि मामले की जांच सही दिशा में नहीं चल रही है और लगातार लापरवाही बरती जा रही है। उनका आरोप है कि पूरे प्रकरण को प्रभावित करने और उसकी गंभीरता को कम करने की कोशिश की जा रही है। इसी वजह से उनका आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
हाइलाइट्स-
- पटना के कारगिल चौक पर जहानाबाद की NEET छात्रा मामले को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन
- परिजनों और समर्थकों ने सीबीआई जांच पर गंभीर सवाल उठाए
- प्रदर्शन के दौरान सीबीआई का पुतला दहन कर जताया गया आक्रोश
- परिजनों का आरोप—जांच सही दिशा में नहीं जा रही और मामले को दबाने की कोशिश हो रही है
- पीड़िता की मां ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar का नाम लेकर गंभीर आरोप लगाए
- आरोपों के बाद मामला और अधिक संवेदनशील और विवादित हो गया
- पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण रही
- स्थानीय स्तर पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं
- अब जांच एजेंसियों के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं
प्रदर्शन के दौरान कारगिल चौक पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। भीड़ ने सीबीआई के खिलाफ नारेबाजी की और प्रतीकात्मक रूप से पुतला दहन किया। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित किया गया, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
पीड़िता की मां ने लगाया निशांत कुमार पर आरोप
विरोध प्रदर्शन के दौरान पीड़िता की मां ने गंभीर आरोप लगाते हुए बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar का नाम मामले से जोड़ दिया। हालांकि, इन आरोपों को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि या ठोस सबूत सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। इसके बावजूद इस बयान के बाद मामला और अधिक गरमा गया है और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस बयान के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं तो कुछ लोग आरोपों पर सवाल उठा रहे हैं।
अब निगाहें जांच एजेंसियों पर
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच एजेंसियां इन गंभीर आरोपों को किस तरह से देखती हैं और क्या मामले में निष्पक्ष जांच आगे बढ़ पाती है। पीड़ित परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है और उनका कहना है कि वे तब तक चुप नहीं बैठेंगे जब तक सच्चाई सामने नहीं आ जाती।
इसे भी पढ़ें- शराबबंदी पर सियासी संग्राम: नीरज कुमार का तेजस्वी पर बड़ा आरोप, ‘शराब कंपनियों से लिया चुनावी चंदा’