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रांची/डेस्क: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि राज्य में हुए हजारों करोड़ के ट्रेजरी घोटाले को दफन करने के लिए हेमंत सरकार सुनियोजित तरीके से दफन करने में लगी हुई है. जांच शुरू हुए दो महीनों से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक केवल छोटी मछलियों को पकड़कर खानापूर्ति की जा रही है. प्रतुल ने कहा कि अकाउंटेंट जनरल को राज्य सरकार ने स्पेशल ऑडिट की अनुशंसा की. परंतु 2 महीने के बाद भी अकाउंटेंट जनरल के कार्यालय द्वारा मांगे गए कागजात को जमा नहीं किया गया है. यह साफ घोटाले को दफन करने की साजिश का हिस्सा है.
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि स्वयं राज्य के वित्त मंत्री ने स्वीकार किया था कि लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के खजाने का हिसाब नहीं मिल रहा है. वित्त मंत्री का यह बयान सीधे तौर पर यह स्वीकार करना है कि 10000 करोड रुपए का घोटाला हुआ है. ट्रेजरी घोटाले जैसे बड़े वित्तीय अनियमितता के मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने वाले किसी भी ट्रेजरी पदाधिकारी को अब तक न तो हटाया गया है और न ही उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई की गई है. इससे साफ प्रतीत होता है कि सरकार बड़े दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है.उन्होंने कहा कि जिन खातों को फ्रीज किया गया है, वे भी अत्यंत छोटे पदों पर कार्यरत लोगों से जुड़े हैं, जबकि पूरे मामले के असली बड़े रसूखदारों तक जांच की आंच पहुंचती दिखाई नहीं दे रही है. अभी तक जांच रिपोर्ट आने के भी कोई संकेत नहीं हैं. सरकार जानबूझकर मामले को लंबा खींच रही है ताकि समय के साथ यह घोटाला दब जाए और जनता का ध्यान इससे हट जाए.
प्रतुल शाहदेव ने कहा कि कि भाजपा शुरू से एसआईटी के गठन और सीआईडी के टीम के गठन में सदस्यों की भूमिका पर प्रश्न उठाती रही है. सबसे बड़ा मुद्दा आज भी यही है की जांच रिपोर्ट देने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं की गई है. प्रतुल ने कहा कि भाजपा आदिवासी-मूलवासी जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा को लूटने वालों को किसी भी कीमत पर छुटने नहीं देगी. भारतीय जनता पार्टी इस मामले को दबने नहीं देगी और दोषियों को सजा दिलाने तथा जनता के पैसे की एक-एक पाई का हिसाब लेने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी. उन्होंने मांग की कि ट्रेजरी घोटाले की जांच समयबद्ध तरीके से कराई जाए तथा प्रथम दृष्टया दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए.
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