न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार में नई सरकार बनते ही शराब बंदी कानून हटाने की चर्चा काफी तेज हो गई है। एनडीए के कई नेताओं ने कहा है कि बिहार से शराब बंदी कानून हटना चाहिए साथ ही साथ शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग भी लगातार उठाई जा रही है। इस बीच बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ संकेत दिया है कि बिहार नीतीश मॉडल पर ही चलेगा। बिहार में शराब बंदी कानून पहले की तरह आगे भी लागू रहेगा।
हाईलाइट्स:
- सीएम सम्राट चौधरी ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति जारी रखने का ऐलान किया
- ब्लॉक से लेकर थाना स्तर तक सीएम ऑफिस से होगी सीधी मॉनिटरिंग
- शराबबंदी कानून पर कोई समझौता नहीं, जारी रहेगा सख्त लागू
- 15 नवंबर तक 5 लाख करोड़ निवेश लाने का लक्ष्य तय
- विपक्ष में जल्द टूट के संकेत, विधायकों के पाला बदलने का दावा
- 22 लाख संदिग्ध नामों की पहचान के लिए विशेष जांच अभियान
बिहार में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ किया कि सरकार का मुख्य एजेंडा सुशासन और पारदर्शिता रहेगा साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पहले से ज्यादा सख्ती से लागू होगी और इसकी निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी।
प्रशासनिक व्यवस्था पर कड़ी नजर
सरकार अब ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर तक प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा करेगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर बड़े अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि आम लोगों को सरकारी कामों में देरी और परेशानी का सामना न करना पड़े।
शराबबंदी पर सख्त रुख बरकरार
शराबबंदी कानून को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि इस पर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैसले को सराहनीय बताते हुए कहा कि इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी समर्थन दिया है, इसलिए इस नीति को जारी रखा जाएगा।
निवेश और शिक्षा सुधार पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 15 नवंबर तक 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य तय किया है। इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए अकादमिक कैलेंडर को सख्ती से लागू किया जाएगा, ताकि स्कूल और कॉलेज समय पर संचालित हो सकें और पढ़ाई का माहौल बेहतर बने।
विपक्ष में टूट और विशेष जांच अभियान
राजनीतिक स्थिति पर बात करते हुए सम्राट चौधरी ने दावा किया कि विपक्ष में जल्द ही टूट देखने को मिल सकती है। साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य में 22 लाख संदिग्ध नामों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने वित्तीय संकट की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि बिहार आर्थिक रूप से पूरी तरह स्थिर है।
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