न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार में शराबबंदी को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ने चुनावी अभियान के लिए शराब कंपनियों से इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए पैसा लिया है।
Highlights:
- जदयू एमएलसी नीरज कुमार का शराबबंदी पर बड़ा बयान
- नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप
- आरोप- चुनावी अभियान के लिए शराब कंपनियों से इलेक्टोरल बॉन्ड लिया
- शराबबंदी कानून की समीक्षा से सरकार का साफ इनकार
- जहरीली शराब से मौत के आंकड़ों को लेकर उठाए सवाल
- बिहार में शराबबंदी पर सियासत एक बार फिर गरमाई
‘शराब कंपनियों से फंड लेने वालों को बोलने का अधिकार नहीं’
नीरज कुमार ने तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग शराब कंपनियों से आर्थिक मदद लेते हैं, उन्हें शराबबंदी जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे को उछाल रहा है, जबकि सरकार समाज सुधार के उद्देश्य से प्रतिबद्ध है।
शराबबंदी की समीक्षा से सरकार का साफ इनकार
जदयू नेता ने साफ शब्दों में कहा कि बिहार में लागू शराबबंदी कानून की कोई समीक्षा नहीं होगी। उन्होंने दोहराया कि यह कानून समाज हित में लागू किया गया है और इसे किसी भी हाल में कमजोर नहीं किया जाएगा। सरकार अपने फैसले पर पूरी तरह अडिग है। नीरज कुमार ने उन राज्यों पर भी सवाल खड़े किए जहां शराबबंदी लागू है। उन्होंने पूछा कि ऐसे राज्यों में जहरीली शराब से मौत के आंकड़े अधिक क्यों सामने आते हैं। उनके मुताबिक, यह विपक्ष की नीतियों और विफलताओं को दर्शाता है।
बिहार की राजनीति में बढ़ी तल्खी
इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं। शराबबंदी पहले से ही एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहा है और अब एक बार फिर यह चुनावी बहस के केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी घमासान और बढ़ सकता है।
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