न्यूज11 भारत / पटना डेस्क: बिहार में शराबबंदी के दावों के बीच बेगूसराय जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है। बछवारा थाना क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय, सिसवा में शिक्षा के मंदिर को तस्करों ने शराब का सुरक्षित ठिकाना बना लिया। यहाँ के एक जर्जर शौचालय में भारी मात्रा में विदेशी शराब छिपाकर रखी गई थी, जिसका शिकार एक 11 वर्षीय मासूम छात्र बन गया।
स्कूली ड्रेस में घर पहुंचा बच्चा, मां के उड़े होश
सोमवार को चौथी कक्षा का छात्र स्कूल गया था, लेकिन जब वह वापस लौटा, तो उसकी हालत देखकर परिजनों के होश उड़ गए। बच्चा नशे में पूरी तरह धुत्त था, ठीक से खड़ा भी नहीं हो पा रहा था और उसके मुंह से शराब की तीव्र दुर्गंध आ रही थी। घबराए परिजनों ने जब बच्चे से पूछताछ की, तो पता चला कि स्कूल परिसर के एक पुराने और उपेक्षित शौचालय में उसने शराब की बोतलें देखी थीं। नासमझी में बच्चे ने उसमें से कुछ पी लिया, जिसका असर तुरंत उसके स्वास्थ्य पर पड़ा।
शौचालय में मिला 204 लीटर विदेशी शराब का जखीरा
बच्चे की हालत बिगड़ने के बाद परिजन तुरंत स्कूल पहुंचे और प्रधानाध्यापक को इसकी सूचना दी। जब स्कूल के शौचालय का ताला खोला गया, तो वहां का नजारा देखकर सब सन्न रह गए। शौचालय के भीतर विदेशी शराब की पेटियां भरी हुई थीं। ग्रामीणों की सूचना पर बछवारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वहां से 23 कार्टून यानी करीब 204 लीटर विदेशी शराब बरामद की।
क्या सुरक्षा व्यवस्था थी सोई हुई?
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आखिर स्कूल की चारदीवारी के भीतर शराब की इतनी बड़ी खेप कैसे पहुंच गई? क्या तस्करी में स्थानीय स्तर पर किसी की मिलीभगत है? विद्यालय परिसर जैसे सार्वजनिक और संवेदनशील स्थान को शराब माफियाओं ने अपना गोदाम कैसे बना लिया? फिलहाल पुलिस ने अज्ञात तस्करों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। गनीमत रही कि समय रहते बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, जिससे उसकी जान बच गई, लेकिन इस घटना ने बिहार की शराबबंदी और स्कूल सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है।