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रांची/डेस्कः- नीतिश कुमार के राजनीति के 20 साल के बाद भी महिला वोटर्स उनकी पार्टी की ताकत आज भी बनी हुई है. उम्र व आलोचना के बाद भी महिलाएँ आज भी उनके लिए पूरी ताकत के साथ खड़ी रहती है. साइकिल योजना, आरक्षण, और जीविका जैसे कार्यक्रमों ने उन्हें महिलाओं में लोकप्रिय बनाया. इस चुनाव में नारी शक्ति एक निर्णायक भुमिका में सामने आ सकती है.
महिला एक बार फिर नीतिश की ढाल बनकर खड़ी
हालांकि महिलाओं को लेकर आलोचनाएँ भी हुई, जिसका सबसे बड़ा कारण रहा कि कभी सदन के अंदर नीतिश कुमार महिलाओं को लेकर कुछ अटपटा बयान दे दिया था. कभी चुनावी मंच में महिला के गले में माला डाल दी. इन्ही हरकतों के चलते विपक्ष व बीजेपी के लोग उनकी मानसिक स्थिति पर सवाल खड़ा करने लगे. सियासी लोग नीतिश की खिल्ली उड़ाने में लगे हैं, विपक्ष इस उम्मीद में है कि इस बार उन्हे पटखनी दी जा सकती है. ऐसे में महिला एक बार फिर से नीतिश की ढाल बनकर खड़ी हो गई है.
लड़कियों के लिए साइकिल योजना की शुरुआत की
नीतिश कुमार जब सीएम बने तो सबसे पहले उन्होने लड़कियों के लिए साइकिल योजना की शुरुआत की. हर साल 10वीं व 12वीं के जिले टॉपर लड़कियों के घर जाने लगे. किसी भी सीएम के लिए ये बिल्कुल नया प्रयोग था. हर लड़की को मुफ्त साइकिल, लड़कियों को मुफ्त में शिक्षा देना. महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा दांव तब पता चला जब पंचायत व नगर निकाय चुनाव में नीतिश कुमार ने 50 फीसदी आरक्षित सीट दे दी. वहीं पुलिस की भर्ती मे 35 प्रतिशत आरक्षण दे दिया. ये सब ऐसा मुद्दा है जिसे देखते ही देखते महिलाओं में नीतिश लोकप्रिय बन गए हैं. महिलाओं के खाते में पैसे व साथ ही आंगनबाड़ी से लेकर जीविका दीदियों तक के मानदेय में बढोत्तरी. वहीं सामाजिक सुरक्षा पेंशन को दोगुना कर दिया गया. इसमें विधवा व वृद्धा पेंशन दोनों शामिल है. महिलाओं के खातों में 10 हजार का जादू सर चढ़ कर बोल रहा है.
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