राहुल कुमार/न्यूज11भारत
चंदवा/डेस्क: प्रखंड की जमीरा पंचायत अंतर्गत चतरो स्थित मैदान में तीन गांवों के ग्राम प्रधानों की उपस्थिति में ग्राम सभा का आयोजन किया गया. सभा की अध्यक्षता ग्राम प्रधान गुजू गंझू ने की. बैठक में झारखंड सरकार द्वारा लाए गए नए पेसा कानून तथा विस्थापितों के हक-अधिकार के मुद्दे पर गंभीर चर्चा की गई.
ग्राम सभा में रैयतों ने आरोप लगाया कि Essar Power Jharkhand Limited ने सीएनटी एक्ट का उल्लंघन करते हुए लगभग 540 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया है. इस मामले को लेकर किसान विकास श्रमिक स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है, जो वर्तमान में लंबित है. ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी की ओर से अब तक धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ है.
रैयतों ने यह भी आरोप लगाया कि अब उक्त 540 एकड़ भूमि पर उड़ीसा एलॉय स्टील प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आधिपत्य दर्ज किया जा रहा है, जो सर्वथा अनुचित और अस्वीकार्य है. ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी प्रशासन से गुहार लगाई गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
ग्रामीणों ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए नए पेसा कानून से उनके अधिकारों की रक्षा की उम्मीद जगी है. जल्द ही वे जिले के वरीय अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखेंगे. उन्हें न्यायालय और जिले के उपायुक्त से न्याय मिलने की आशा है.
ग्राम सभा में चतरो, अनगड़ा, अरधे, कुसुमटोली, तुपी एवं पुरना टोली के रैयतों और ग्राम प्रधानों ने सामूहिक रूप से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया.
उल्लेखनीय है कि बिजली संयंत्र स्थापना के उद्देश्य से Essar Power Jharkhand Limited ने अनगड़ा में 540 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया था. बाद में कोल ब्लॉक घोटाले में मामला फंसने के कारण संयंत्र ठप पड़ गया. बैंकों की देनदारी चुकाने के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा प्लांट को स्क्रैप घोषित कर विभिन्न चरणों में नीलाम कर दिया गया. बताया जा रहा है कि वर्तमान में उक्त भूमि पर उड़ीसा एलॉय स्टील प्राइवेट लिमिटेड आधिपत्य स्थापित कर रही है, जिसके खिलाफ रैयत लगातार आवाज उठा रहे हैं.
ग्राम सभा में ग्राम प्रधान प्रयाग गंझू, जगलाल गंझू, रामदेवली गंझू, बाबूलाल गंझू, मनमोहन गंझू, जंग बहादुर गंझू, अजीत गंझू, जय कुमार गंझू, जगरनाथ गंझू, सतनारायण गंझू, पार्वती देवी, सुनीता देवी, कंचन देवी, शांति देवी, सूरजमणि देवी, जीरमणिया देवी समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे.
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