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रांची/डेस्क: राज्य विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न जनहित के मुद्दों पर जोरदार चर्चा हुई. सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े सवाल उठाए, जिन पर मंत्रियों ने जवाब दिया. विधायक जयराम महतो ने जिला और प्रखंड स्तरीय स्थापना समितियों में जनप्रतिनिधियों को शामिल करने का मामला उठाया. उनका कहना था कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर बेहतर निर्णय हो सकेंगे.
इस पर सरकार की ओर से मंत्री दीपक बिरुवा ने जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल ऐसी समितियों में जनप्रतिनिधियों को शामिल करने की आवश्यकता नहीं समझी गई है. हालांकि, भविष्य में इस प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है.
जेपीएससी अभ्यर्थियों को मिली बड़ी राहत, कटऑफ डेट 1 अगस्त 2022 घोषित तय
झारखंड सरकार ने जेपीएससी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में घोषणा करते हुए कहा कि परीक्षा के लिए कटऑफ तिथि अब 1 अगस्त 2022 निर्धारित की जाएगी. इस फैसले से उन हजारों युवाओं को फायदा मिलेगा, जो पूर्व निर्धारित तिथि के कारण आवेदन करने से वंचित रह गए थे. हालांकि छात्र संगठनों की ओर से कटऑफ डेट अगस्त 2018 करने की मांग की जा रही थी, लेकिन सरकार ने फिलहाल 1 अगस्त 2022 को ही मान्य तिथि के रूप में तय किया हैं.
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में कार्मिक विभाग ने वर्ष 2023 तक कटऑफ तिथि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था. हालांकि, सरकार ने इस प्रस्ताव को अभी स्थगित कर दिया है और फिलहाल 1 अगस्त 2022 की तिथि को लागू करने का निर्णय लिया हैं. बता दें कि, जेपीएससी परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 20 फरवरी को समाप्त हो चुकी हैं.
हेमलाल मुर्मू ने राज्य में बढ़ते साइबर अपराध, जेल से कैदियों के फरार होने और नशीली पदार्थों की खेती के मामलों को सदन में उठाया. उन्होंने इन मामलों में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी मांगी. जवाब में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि साइबर अपराध पर रोक लगाने के लिए साइबर थानों को सक्रिय किया गया है और लगातार कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने बताया कि हाल ही में जेल से फरार हुए चारों कैदियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. साथ ही, नशीली पदार्थों की खेती के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है.
राजेश कच्छप ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (SC/ST/OBC) से संबंधित बैकलॉग रिक्तियों का आंकड़ा सार्वजनिक करने और लंबित अभ्यर्थियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने का मुद्दा उठाया. उन्होंने सरकार से स्पष्ट रोडमैप की मांग की.
मंजू कुमारी ने जमुआ के चुंगलों क्षेत्र में पुलिस ओपी स्थापित करने की मांग रखी, ताकि कानून-व्यवस्था मजबूत हो सके. वहीं जनार्दन पासवान ने राज्य कर्मचारियों और पदाधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा. इस पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया कि सरकार की फिलहाल आयु सीमा बढ़ाने की कोई मंशा नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर देना है.
राज्य की राजनीति के लिहाज से अहम माने जा रहे बजट सत्र का आज चौथा दिन हैं. शनिवार को सदन की कार्यवाही दो चरणों में होगी. प्रथम पाली में प्रश्नकाल के दौरान विधायक विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दे उठाएंगे, जबकि द्वितीय पाली में वित्तीय वर्ष 2025-26 के तीसरे अनुपूरक बजट पर विस्तृत चर्चा होगी. सत्र को देखते हुए कार्मिक विभाग ने विशेष निर्देश जारी कर शनिवार को सामान्यतः बंद रहने वाले सचिवालय और संबद्ध कार्यालयों को भी खुला रखने का आदेश दिया है, ताकि प्रशासनिक कार्यों में कोई बाधा न आए.
शुक्रवार को सदन में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का तीसरा अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया. इस बजट में कुल 6450 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया हैं. आज इस पर विस्तृत बहस होगी और चर्चा के बाद इसे पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. सरकार का कहना है कि यह अतिरिक्त प्रावधान राज्य की विकास योजनाओं को गति देने और सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक हैं.
अनुपूरक बजट में सबसे अधिक 779 करोड़ रुपये महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग को आवंटित किए गए हैं. इसी राशि से राज्य की महत्वाकांक्षी मंईयां सम्मान योजना सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का भुगतान किया जाएगा.
सरकार का मानना है कि तीसरा अनुपूरक बजट राज्य की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है, जिसमें सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और विकास योजनाओं को विशेष महत्व दिया गया हैं.
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