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रांची/डेस्क: राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबंधन समिति की बैठक में स्वीकृत योजनाओं कार्यों के क्रियान्वयन में अत्यधिक विलम्ब एवं सदस्य सचिव के रूप में वैधानिक दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता तथा पूर्व में दिये गये स्पष्टीकरण का प्रत्युत्तर अब तक अप्राप्त रहने के संबंध में राज्य परिवहन विभाग ने राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबंधन समिति, झारखण्ड से स्पष्टीकरण मांगा है. परिवहन विभाग ने 10 अक्टूबर,2025 को आहूत बैठक का हवाला देते हुए राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबंधन समिति से स्पष्टीकरण मांगा है. राजीव रंजन , सरकार के सचिव, परिवहन विभाग द्वारा पत्र जारी कर स्पटीकरण मांगा गया है.
बता दें कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 10 अक्टूबर, 2025 को राज्य सड़क सुरक्षा कोष प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गयी थी. जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सड़क सुरक्षा कोष से वित्तपोषित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई थी. उक्त योजनाओं का उद्देश्य राज्य में सड़क दुर्घटनाओं एवं मृत्यु दर में कमी लाना तथा सड़क सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना था. बैठक के लगभग 11 माह व्यतीत हो जाने के उपरांत भी स्वीकृत योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर परिवहन विभाग ने नाराजगी जताई है. विभाग का कहना है कि स्वीकृति के बावजूद अधिकांश योजनाएं आज भी अपूर्ण हैं, जिससे समिति के निर्णयों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित नहीं हो सका है.
परिवहन विभाग ने यह भी याद दिलाया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपने 2025 के आदेश सहित समय-समय पर पारित आदेशों में Intelligent Traffic Management System (ITMS). Electronic Enforcement एवं अन्य सड़क सुरक्षा उपायों के शीघ्र एवं प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया है. इसके बावजूद स्वीकृत ITMS एवं अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति का अभाव अत्यंत गंभीर है.
विभाग ने यह भी स्मरण दिलाया कि पत्रांक- 1185, दिनांक 31.07.2026 द्वारा स्थिति स्पष्ट करने और स्पष्टीकरण 3 कार्य दिवसों में मांगा था. इसके बाद भी कोई स्पष्टीकरण या प्रत्युत्तर उपलब्ध नहीं कराया गया.
पूर्व में मांगे गए स्पष्टीकरण के संबंध में अब तक उत्तर/प्रत्युत्तर उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारणों का स्पष्ट रूप से उल्लेख करते हुए राजीव रंजन , सरकार के सचिव, परिवहन विभाग द्वारा जारी पत्र में फिर से स्पटीकरण मांगा गया है.
इन योजनाओं को मिली थी स्वीकृति
बता दें कि सचिव, परिवहन विभाग, झारखंड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था. जिसमें सम्यक विचारोपरांत कुल 166.92 करोड़ रुपये की योजनाओं की स्वीकृति दी गई थी जो इस प्रकार है-
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