राहुल कुमार/न्यूज़11 भारत
चंदवा/डेस्क: कन्याकुमारी से निकली राष्ट्रव्यापी स्वर्वेद संदेश यात्रा गुरुवार को लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड अंतर्गत लुकुइया स्थित विहंगम योग गौशाला आश्रम पहुंची. यात्रा के आगमन पर आश्रम परिसर में भव्य विहंगम योग समारोह एवं ध्यान-साधना सत्र का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमियों ने भाग लिया.
कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई. इसके बाद स्वर्वेद कथामृत का आयोजन किया गया. समारोह को संबोधित करते हुए संत प्रवर विज्ञानदेव जी महाराज ने कहा कि ईश्वर की कृपा से मिला मानव जीवन अनमोल है, लेकिन अज्ञान और अभिमान मनुष्य के दुखों का प्रमुख कारण हैं.
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर ईश्वर की अनंत शक्तियां विद्यमान हैं. आत्मा के भीतर ही परमात्मा का वास है. मनुष्य स्वयं को जानकर ही अपने भीतर मौजूद दिव्य शक्ति का अनुभव कर सकता है.
संत प्रवर ने कहा कि दुनिया में बढ़ती अशांति के पीछे आंतरिक शांति का अभाव भी एक प्रमुख कारण है. मन के शांत होने पर ही आत्मा का वास्तविक प्रकाश प्रकट होता है. उन्होंने कहा कि मन पर नियंत्रण के बिना आध्यात्मिक साधना की पूर्णता संभव नहीं है.
उन्होंने विहंगम योग के प्रणेता अमर हिमालय योगी अनंत श्री सद्गुरु सदाफलदेव जी महाराज के जीवन और साधना का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं से उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया.
वाराणसी के कार्यक्रम में शामिल होने की अपील
समारोह के दौरान श्रद्धालुओं से 14 एवं 15 दिसंबर को वाराणसी में आयोजित समर्पण दीप महोत्सव सह वार्षिकोत्सव में शामिल होने की अपील की गई. कार्यक्रम में केदार प्रसाद, विजय प्रसाद, मिथलेश सिंह और रविंद्र प्रसाद समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं धर्मप्रेमी मौजूद रहे. समारोह के दौरान आश्रम परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने ध्यान-साधना में हिस्सा लिया.