नाराजगी

घाघरा प्रखंड के सलामी गांव में 20 साल से सड़क बदहाल, ग्रामीणों ने सड़क पर धान रोपकर जताया विरोध

विधायक के आश्वासन पर भी नहीं हुआ काम ग्रामीणों ने कहा आश्वासन नहीं सड़क चाहिए नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
घाघरा प्रखंड के सलामी गांव में 20 साल से सड़क बदहाल, ग्रामीणों ने सड़क पर धान रोपकर जताया विरोध

पंकज कुमार/न्यूज11  भारत

घाघरा/डेस्क: घाघरा प्रखंड के सलामी गांव में करीब 20 वर्षों से जर्जर पड़ी सड़क के विरोध में गुरुवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. सड़क निर्माण की मांग को लेकर आयोजित बैठक के बाद ग्रामीणों ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराते हुए बदहाल सड़क पर धान की रोपाई की. इस दौरान प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई. ग्रामीणों ने बताया कि सलामी तालाब से चांदगो, घुट्टी डीपा, दीरगांव पंचायत होते हुए घाघरा प्रखंड मुख्यालय तक जाने वाली मुख्य सड़क पिछले लगभग दो दशकों से बदहाल है. कई बार जनप्रतिनिधियों, प्रखंड प्रशासन और जिला प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं हुई.

बरसात के दिनों में सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की जर्जर स्थिति के कारण कई बार सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और लोगों की जान भी जा चुकी है. हर दिन इस मार्ग से गुजरने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है. बैठक के दौरान ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक चमरा लिंडा पर भी नाराजगी जताई. ग्रामीणों का आरोप है कि विधायक जतराटांड़ गांव पहुंचकर सड़क निर्माण का आश्वासन देकर गए थे, लेकिन आज तक कार्य शुरू नहीं हो सका. ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही जनता की समस्याओं को भुला दिया जाता है.

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की होगी. सड़क पर धान रोपकर किया गया यह अनोखा विरोध प्रदर्शन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा.

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