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रांची/डेस्क: JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले का राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में बचाव किया है. राज्य सरकार ने काउंटर एफिडेविट दाखिल किया. सरकार ने दावा किया है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया सिस्टमेटिक फ्रॉड से प्रभावित है. सरकार ने CID जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आने का दावा किया है. प्रश्नपत्र और परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी की भूमिका पर सवाल उठे हैं. सरकार का दावा है कि अभ्यर्थियों को उत्तर रटाने से जुड़ी तथ्य सामने आई है. सरकार ने जांच में 28 लोगों की गिरफ्तारी का हवाला दिया. वहीं, 265 सफल अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी दी है.
जांच में नेपाल, बिहार, पश्चिम बंगाल, बोकारो और धनबाद में कथित गतिविधियों का उल्लेख किया गया है. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का भी हवाला दिया. राज्य सरकार का तर्क है कि परीक्षा की निष्पक्षता बड़े पैमाने पर प्रभावित होने पर पूरी प्रक्रिया रद्द की जा सकती है. 5 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का भी हवाला दिया गया है. राज्य सरकार ने कोर्ट से 18 अगस्त 2026 की परीक्षा रद्द करने की अधिसूचना को बरकरार रखने की मांग की है. 21 अगस्त के हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश को समाप्त या संशोधित करने का आग्रह किया है.