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धनबाद/डेस्क: केन्दुआडीह क्षेत्र में लगातार हो रहे भू-धंसान एवं गैस रिसाव की समस्या के समाधान तथा पिछले छह-सात महीनों से बंद धनबाद-बोकारो मुख्य सड़क को दोबारा चालू करने के लिए मंगलवार को समाहरणालय में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार (डीडीएमए) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. उपायुक्त सह डीडीएमए अध्यक्ष आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनप्रतिनिधियों, बीसीसीएल, डीजीएमएस, आईआईटी (आईएसएम), सिम्फर एवं अन्य तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया.
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि क्षतिग्रस्त सड़क के नीचे वैज्ञानिक तरीके से खुदाई कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा. इसके लिए बीसीसीएल 10 जुलाई तक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपेगा. खुदाई के दौरान प्रभावित क्षेत्र के सभी निवासियों को अस्थायी रूप से राहत शिविरों में शिफ्ट किया जाएगा तथा पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर डीजीएमएस, आईआईटी (आईएसएम), सिम्फर और रेस्क्यू टीम की निगरानी में कार्य कराया जाएगा. तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद ही सड़क को दोबारा खोलने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
बैठक में सांसद ढुलू महतो, विधायक राज सिन्हा, विधायक अरूप चटर्जी, विधायक रागिनी सिंह, विधायक चंद्रदेव महतो तथा जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने सड़क को जनहित में जल्द चालू करने के लिए वैज्ञानिक जांच और सुरक्षित खुदाई पर जोर दिया. बीसीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार अग्रवाल ने भी सुरक्षित तरीके से सड़क चालू करने की प्रतिबद्धता जताई.
उपायुक्त आदित्य रंजन ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि भविष्य में बीसीसीएल किसी भी सरकारी सड़क, बिजली के खंभे या पाइपलाइन के पास कार्य शुरू करने से पहले जिला प्रशासन से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करेगा. नियमों का उल्लंघन कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर संबंधित बीसीसीएल क्षेत्र के महाप्रबंधक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. साथ ही राजपूत बस्ती के रैयतों को भूमि संबंधी आवेदन लैंड सेल में जमा करने तथा करमाटांड़ क्षेत्र का विशेष सर्वे कराने का भी निर्देश दिया गया.