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पलामू/डेस्क: पलामू के मेदिनीनगर स्थित कोयल नदी के तटीय इलाके से रेस्क्यू किए गए दो बाल भिक्षुकों के पेट पर सर्जरी जैसे गहरे निशान मिलने से सनसनी फैल गई है. पलामू बाल कल्याण समिति और चाइल्डलाइन की संयुक्त कार्रवाई में इन बच्चों को सुरक्षित बचाकर बाल सुधार गृह भेजा गया है, जबकि एक अन्य बच्चा मौके से भागने में सफल रहा.
जिस स्थान पर चीरे के निशान मौजूद हैं, वह किडनी का हिस्सा होता है. इसी वजह से समिति को बच्चों के साथ अवैध अंग व्यापार की गंभीर आशंका महसूस हो रही है. इस संवेदनशील स्थिति को देखते हुए पलामू सीडब्ल्यूसी ने मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के अधीक्षक को पत्र भेजकर विशेष डॉक्टरी जांच की मांग की है. अस्पताल प्रशासन ने इस विषय की गहराई से जांच के लिए एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित कर दिया है और मंगलवार को बच्चों का संपूर्ण शारीरिक परीक्षण किया जाएगा.
प्रारंभिक बातचीत के दौरान बच्चों ने पेट की गांठ और पथरी के इलाज का दावा किया हैपलामू सीडब्ल्यूसी के सदस्य रविशंकर ने बताया कि दोनों बच्चों का रेस्क्यू किया गया है और चीरा उस जगह पर है, जहां पर किडनी होती है. सीडब्ल्यूसी को आशंका है कि यह अंग तस्करी का मामला हो सकता है. पूरे मामले में एमएमसीएच को पत्र लिखा गया है, जिसके बाद मेडिकल बोर्ड का भी गठन किया गया है., परंतु उनकी बातों में काफी असंगति और विरोधाभास देखने को मिल रहा है. फिलहाल सीडब्ल्यूसी और संबंधित विभाग सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर सच्चाई का पता लगाने में जुटे हैं.