प्रभात कुमार/न्यूज़ 11 भारत
जमशेदपुर/डेस्क: जमशेदपुर के घाटशिला स्थित सूरदा माइंस में कार्यरत मजदूरों ने संवेदक कंपनी पर श्रमिक अधिकारों की अनदेखी का आरोप लगाया है. मजदूरों का कहना है कि उन्हें न्यूनतम मजदूरी, चिकित्सा सुविधा, दुर्घटना मुआवजा समेत कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है. अपनी मांगों को लेकर मजदूरों ने आंदोलनकारी और मजदूर नेता बागराई मार्डी के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की.
घाटशिला स्थित हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की सूरदा माइंस में खनन कार्य कर रही संवेदक कंपनी आर.के. इंटरप्राइजेज रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मजदूरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. कंपनी में कार्यरत करीब 950 मजदूरों का आरोप है कि उन्हें न्यूनतम मजदूरी, बेहतर चिकित्सा सुविधा, दुर्घटना की स्थिति में उचित मुआवजा और अन्य श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले अधिकार नहीं दिए जा रहे हैं. इन्हीं समस्याओं को लेकर मजदूरों ने एक बैठक आयोजित की, जिसमें मजदूर नेता और आंदोलनकारी बागराई मार्डी भी शामिल हुए.
बैठक के दौरान मजदूरों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को उनके समक्ष रखा. गौरतलब है कि बागराई मार्डी इन दिनों तुरामडीह माइंस के विस्थापितों की मांगों को लेकर भी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं.बैठक में मजदूरों ने सर्वसम्मति से बागराई मार्डी को अपने आंदोलन का नेतृत्वकर्ता चुना. इस मौके पर बागराई मार्डी ने कहा कि वे मजदूरों की सभी समस्याओं को लेकर कंपनी प्रबंधन से वार्ता करेंगे. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मजदूरों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी.
यह भी पढ़ें: पूर्व उप मुख्यमंत्री सुदेश महतो का चियांकी में हुआ भव्य स्वागत, बैठक में संगठन मजबूती पर हुई चर्चा