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बहरागोड़ा/डेस्क: झारखंड सदगोप समाज बहरागोड़ा इकाई के तत्वावधान में स्थानीय नेताजी सुभाष शिशु उद्यान में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव एवं नंदोत्सव का भव्य आयोजन किया गया. इस अवसर पर पूजा-अर्चना के साथ-साथ सांस्कृतिक व सामाजिक चिंतन के कार्यक्रम आयोजित हुए, जिसमें क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने शिरकत की और महाप्रसाद ग्रहण किया.
समारोह को संबोधित करते हुए सदगोप समाज केंद्रीय समिति के महासचिव दिलीप कुमार घोष ने समाज के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि सदगोप समाज का आदि निवास स्थान पश्चिम बंगाल का गोपभूम परगना रहा है और खेती इनका मुख्य पेशा है. इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि विदेशी आक्रमणों और जनसंख्या वृद्धि के कारण समाज के लोग भागीरथी नदी के रास्ते दामोदर, रूपनारायण, शिलावती, कंसावती और स्वर्णरेखा नदी के तटीय इलाकों में बसे. पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा की उपजाऊ मिट्टी ने उन्हें कृषि क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने का अवसर दिया.
बहरागोड़ा इकाई की अनूठी पहल
महासचिव दिलीप कुमार घोष ने बताया कि सदगोप समाज प्रारंभ से ही भगवान श्रीकृष्ण का अनन्य भक्त रहा है. पिछले एक दशक से बहरागोड़ा इकाई द्वारा नेताजी सुभाष शिशु उद्यान में निरंतर जन्माष्टमी व नंदोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. संभवतः पूरे क्षेत्र में बहरागोड़ा ही एकमात्र ऐसी इकाई है, जहां समाज के स्तर पर इतने व्यापक पैमाने पर जन्माष्टमी पूजा आयोजित होती है, जिसमें समाज के साथ-साथ हर वर्ग के हजारों लोग शामिल होते हैं.
नारी शिक्षा और सामाजिक एकजुटता पर जोर
श्री घोष ने सामाजिक समरसता और विकास का संदेश देते हुए कहा, "जब हम अमीरी-गरीबी का भेदभाव भूलकर एकजुट होंगे, तभी समाज का वास्तविक कल्याण संभव है. किसानों की प्रगति और नारी शिक्षा ही समाज को आगे ले जाने के मुख्य स्तंभ हैं. यदि हम एक लड़के को शिक्षित करते हैं तो केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन जब हम एक लड़की को शिक्षित करते हैं तो पूरा परिवार शिक्षित होता है.
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में केंद्रीय महासचिव दिलीप कुमार घोष के अलावा आदित्य प्रधान, सुमन कल्याण मंडल,मिंटू पाल, दिलीप कुईला,अचिंत घोष , आशुतोष माईती , पदमलोचन पैरा, विजय पात्र, हरिपद करण सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग एवं भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे.