युवाओं से संवाद

क्राइस्ट यूनिवर्सिटी में शिल्पी नेहा तिर्की ने युवाओं से किया संवाद, कहा- नई पीढ़ी के विचारों से मजबूत होगा भारत का लोकत

नेतृत्व, शिक्षा, उद्यमिता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस, कृषि और समावेशी विकास जैसे विषयों पर संवाद किया

By : Pramod Kumar
क्राइस्ट यूनिवर्सिटी में शिल्पी नेहा तिर्की ने युवाओं से किया संवाद, कहा- नई पीढ़ी के विचारों से मजबूत होगा भारत का लोकत

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क: बेंगलुरु. क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु में Alumni Relations Cell द्वारा आयोजित “From Education to Impact: Youth, Leadership, Entrepreneurship and Inclusive Growth” कार्यक्रम में झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं. उन्होंने विद्यार्थियों के साथ नेतृत्व, शिक्षा, उद्यमिता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस, कृषि और समावेशी विकास जैसे विषयों पर संवाद किया.

अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक जरूरतों को समझकर समाधान विकसित करना होना चाहिए. AI और डिजिटल तकनीक शासन तथा समाज के स्वरूप को तेजी से बदल रही हैं. ऐसे में युवाओं को तकनीक का उपयोग केवल सुविधा के लिए नहीं, बल्कि जनहित और समावेशी विकास के लिए करना होगा.

उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा को समझने के लिए ग्रामीण भारत को समझना जरूरी है. खासकर शहरी पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों को गांव, किसान, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की वास्तविकताओं से परिचित होना चाहिए. इससे वे भविष्य में ऐसे उत्पाद, सेवाएं और तकनीकी समाधान विकसित कर सकेंगे, जो भारत की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप हों.

मंत्री ने कहा, “भारत केवल बड़े शहरों में नहीं बसता, बल्कि उसके गांवों, खेतों और मेहनतकश लोगों में भी भारत की असली तस्वीर दिखाई देती है.” इसलिए समावेशी विकास का अर्थ तभी सार्थक होगा, जब विकास की प्रक्रिया में समाज के अंतिम व्यक्ति की जरूरतों और आकांक्षाओं को भी जगह मिले.

कार्यक्रम के ओपन सेशन में विद्यार्थियों ने राजनीति में युवाओं की भूमिका, नेतृत्व, समावेशी विकास, शिक्षा और भविष्य की चुनौतियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे. राजनीति में आने की इच्छा रखने वाले युवाओं के सवाल पर शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि युवाओं को सबसे पहले समाज को समझना, लोगों के बीच काम करना और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है. संवाद, सवाल पूछने की क्षमता, असहमति का सम्मान और समाज के प्रति जिम्मेदारी लोकतंत्र को मजबूत करने के महत्वपूर्ण आधार हैं. युवाओं को अपने ज्ञान और ऊर्जा को सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन से जोड़ना चाहिए.

इस अवसर पर अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा, “जिस विश्वविद्यालय से मैंने शिक्षा प्राप्त की, उसी परिसर में आज मुख्य अतिथि के रूप में विद्यार्थियों के बीच अपने विचार साझा करना मेरे लिए बेहद भावुक, गर्वपूर्ण और अविस्मरणीय क्षण है. जहां से जीवन को दिशा मिली, वहीं लौटकर नई पीढ़ी के साथ संवाद करना मेरे लिए विशेष अनुभव है.”

उन्होंने क्राइस्ट यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित इस संवाद कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा से आगे बढ़कर समाज और देश की वास्तविक चुनौतियों को समझने का अवसर देते हैं. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह के संवाद नई पीढ़ी में नेतृत्व, नवाचार, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करेंगे.

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