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हजारीबाग/डेस्क: हजारीबाग सेंट्रल जेल में हाल ही में जेलर समेत 18 कर्मचारियों पर कार्रवाई के बाद अब एक और नया विवाद सामने आया हैं. वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क टूटने के कारण जेल अधीक्षक जितेंद्र सिंह की जगह मादेव प्रिया को जेल अधीक्षक का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया हैं. यह कदम हजारीबाग में हुए भूमि घोटाले से जुड़े मामले में आरोपी विनय कुमार सिंह के सहयोगियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा हैं.
जेल में आईफोन 15 और विशेष सुविधाओं पर उठे सवाल
जेल प्रशासन के भीतर सबसे बड़ा सवाल यह है कि भूमि घोटाले के मुख्य आरोपी विनय कुमार सिंह तक आईफोन 15 और विशेष सुविधाएं कैसे पहुंची. जांच में सामने आया है कि विनय सिंह को पहले 'फैक्ट्री वार्ड', फिर अस्पताल और अंततः 'अंडा सेल' तक पहुंचाया गया. बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्हें महंगे फोन के माध्यम से राज्य सरकार को जेल में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता के बारे में संदेश भेजने का मौका मिला. अधिकारियों ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है कि कैदी के पास आईफोन 15 कैसे पहुंचा और उसने सीधे सरकार को संदेश कैसे भेजा. जेल प्रशासन इस बात का पता लगाने में जुटा है कि इस पूरे मामले में किसने मदद की और जेल में सुरक्षा में कितनी चूक हुई.
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