न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: झारखंड हाई कोर्ट ने डोरंडा थाना क्षेत्र में हुई कार और मोटरसाइकिल दुर्घटना से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के अधिवक्ता मनोज टंडन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की जांच पर अंतरिम रोक लगा दी है. मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की पीठ में हुई.
CBI से मांगा गया जवाब
सुनवाई के दौरान खुद को पीड़ित बताने वाले युवक मोबाज खान द्वारा सोशल मीडिया पर कथित रूप से उन्मादी पोस्ट साझा किए जाने को अदालत ने गंभीरता से लिया. अदालत ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार के साथ-साथ CBI को नोटिस जारी कर मोबाज खान के प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से संभावित संपर्क और गतिविधियों की जांच कर शपथ पत्र के माध्यम से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
24 मार्च को अगली सुनवाई
अदालत ने मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए 24 मार्च की तिथि निर्धारित की है. हाईकोर्ट के इस आदेश से अधिवक्ता मनोज टंडन को फिलहाल बड़ी राहत मिली है.
FIR निरस्त करने की मांग
अपनी याचिका में मनोज टंडन ने अदालत से उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने, उनकी जब्त की गई गाड़ी को छोड़ने तथा घटना के दौरान वीडियो बनाने और कथित रूप से उनके खिलाफ उग्र भीड़ की जांच कराने की मांग की है. मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी.
ये भी पढ़ें- BREAKING: पूर्व मंत्री योगेन्द्र साव और उनकी पत्नी निर्मला देवी को किया गया गिरफ्तार