न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: रिम्स-2 के लिए प्रस्तावित जमीन को लेकर हुए विवाद के मामले में झारखंड हाईकोर्ट की अपर न्यायिक आयुक्त मिथिलेश कुमार की अदालत ने आज एक अहम फैसला सुनाया. कोर्ट ने पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, पुष्पा खलखो, कालिका कुमारी, मंजुला टोप्पो, बल्कु उरांव, प्रेमशाही मुंडा और हर्षिता कुमारी को अग्रिम जमानत दी.
यह मामला 24 अगस्त 2025 का है, जब नगड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने ‘हल जोतो, रोपा रोपो’ आंदोलन के तहत विरोध प्रदर्शन किया था. इस आंदोलन को लेकर कांके सीओ अमित भगत की शिकायत पर कुल 71 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. एफआईआर में आंदोलनकारियों पर भीड़ को उकसाने, हथियार के साथ पुलिस पर हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और निषेधाज्ञा उल्लंघन करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे. राज्य सरकार ने रिम्स-2 के निर्माण के लिए नगड़ी मौजा में 227 एकड़ जमीन प्रस्तावित की है, जिसका ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं.
यह भी पढ़े: झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सभी 334 थानों में 31 दिसंबर तक सीसीटीवी लगाने का दिया निर्देश