न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: सिमडेगा की पूर्व विधायक, झारखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री रहीं तथा गोंड आदिवासी समाज की अग्रणी नेत्री बिमला प्रधान का लंबी बीमारी से जूझते हुए स्टैनफोर्ड अस्पताल में निधन हो गया.
राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा ने विमला प्रधान के निधन पर शोक जताया है. उन्होंने कहा कि बिमला जी का जीवन इस सत्य का साक्षी था कि वनांचल की माटी से उठा स्वर जब सेवा का संकल्प लेता है, तो वह विधानसभा के सदन से लेकर मंत्रिमंडल तक अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराता है. एक आदिवासी महिला के रूप में उन्होंने संघर्ष की कठिन पगडंडियों पर चलकर नेतृत्व का जो मार्ग प्रशस्त किया, वह असंख्य बहनों-बेटियों के लिए प्रेरणा का दीप बना रहेगा. गोंड समाज की अस्मिता, सिमडेगा के विकास और वंचितों के अधिकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव अडिग रही.
प्रदीप वर्मा ने कहा कि सरल स्वभाव, सहज संवाद और जनता से आत्मीय जुड़ाव उनके व्यक्तित्व की पहचान थे. सत्ता के शिखर पर रहते हुए भी वे अपनी जड़ों से कभी विलग नहीं हुईं. उनका जाना झारखंड की राजनीति और आदिवासी समाज के लिए अपूरणीय क्षति है. मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकसंतप्त परिजनों एवं असंख्य समर्थकों को यह असह्य दुःख सहन करने का संबल प्रदान करें.
यह भी पढ़ें- पूर्व मंत्री विमला प्रधान का निधन, रांची के निजी अस्पताल में ली अंतिम सांस