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चतरा/डेस्क: जिले के प्रतापपुर में इन दिनों चोरों ने पुलिस के नाक में दम कर रखा है. रात भर गश्ती का दावा करने वाली पुलिस को धता बताते हुए, बेखौफ चोर धड़ल्ले से चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. पुलिस की कार्यशैली और रात की गश्ती टीम की पोल खोलते हुए चोर अब थाना और मुख्यालय के आसपास के इलाकों में भी सेंधमारी कर रहे हैं.
प्रतापपुर बाजार से लेकर कस्तूरबा आवासीय विद्यालय तक, हर जगह चोरों का खौफ है. प्रतापपुर में चोरों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वे रिहाइशी मकानों में सो रहे परिवारों को भी नहीं बख्श रहे हैं. बीती रात कस्तूरबा विद्यालय के ठीक सामने जितेंद्र साव की राशन और श्रृंगार दुकान से चोरों ने करीब दस हजार रुपये के सामान और नकदी पर हाथ साफ कर दिया.
इससे एक दिन पहले, 10 सितंबर की मध्य रात्रि लाला टोली मोहल्ले में शिक्षक संजीत कुमार के घर से चोरों ने लाखों रुपये के आभूषण और 25 हजार नकद उड़ा लिए. गनीमत रही कि शोर सुनकर शिक्षक लाठी लेकर बाहर निकले, उसी वक्त पुलिस गश्ती दल वहां से गुजरा, लेकिन चोर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए.
इस संबंध में प्रतापपुर थाना प्रभारी आलोक रंजन चौधरी का कहना है कि रोज चार गश्ती टीमें इलाके में रहती हैं. उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें. हालांकि पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है और पूछताछ कर रही है, साथ ही चोरों को सख्त चेतावनी भी दी गई है.
लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से व्यावसायिक संघ और आम जनता में भारी आक्रोश है. पुलिस गश्ती के दावों के बीच हो रही ये वारदातें, प्रशासन की मुस्तैदी पर बड़ा सवालिया निशान लगा रही हैं. क्या प्रतापपुर पुलिस केवल कागजों पर गश्ती कर रही है? अब देखना यह है कि पुलिस इन शातिर चोरों को कब तक सलाखों के पीछे पहुंचा पाती है, या प्रतापपुर की जनता इसी तरह खौफ के साये में जीने को मजबूर रहेगी.
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