आशिष शास्त्री/न्यूज11 भारत
सिमडेगा/डेस्क: झारखंड हाई कोर्ट के निर्देश पर शनिवार को सिमडेगा मंडल कारा में औचक निरीक्षण किया गया. इस निरीक्षण का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष राजीव कुमार सिन्हा ने किया. उनके साथ डालसा की सचिव मरियम हेमरोम भी मौजूद रहीं.
निरीक्षण दल ने जेल परिसर के विभिन्न सेक्शनों, वार्डों,रसोईघर और बंदियों की मूलभूत सुविधाओं की जांच की. सबसे पहले अधिकारियों ने बंदियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और मानक को परखा. पीडीजे ने स्वयं बंदियों के लिए तैयार भोजन का स्वाद लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच की. समीक्षा में पाया गया कि भोजन जेल मैनुअल में निर्धारित मानकों के अनुसार ही तैयार कर बंदियों को उपलब्ध कराया जा रहा है. भोजनालय की स्वच्छता,सामग्री भंडारण और खाद्य पदार्थों की उपलब्धता की भी से जांच की गई. इसके बाद निरीक्षण दल ने सभी वार्डों का भ्रमण किया.बंदियों के रहने की व्यवस्था,स्वच्छता,रोशनी,पेयजल और शौचालय की स्थिति की पड़ताल की. बंदियों के व्यक्तिगत सामान की जांच की गई,लेकिन किसी भी वार्ड में कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली. निरीक्षण के दौरान बंदियों से बातचीत की गई और उन्हें हो रही समस्याओं,जरूरतों और शिकायतों को सुना गया. अधिकारियों ने बंदियों को कानूनी सहायता और उनके अधिकारों से संबंधित जानकारी भी दी.
प्रधान जिला जज राजीव कुमार सिन्हा ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि बंदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए,ताकि किसी भी बीमारी की स्थिति में समय पर उपचार मिल सके.उन्होंने मेडिकल रिकॉर्ड,दवाइयों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था की भी समीक्षा की. निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कवरेज,स्टाफ की तैनाती और आपातकालीन प्रबंधन प्रणाली की स्थिति का अवलोकन किया गया. मौके पर जेल अधीक्षक अजय कुमार,जेलर आदि कर्मी मौजूद थे.
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