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पाकुड़/डेस्क: पाकुड़ सरकारी विकास एवं निर्माण कार्यों से जुड़े पाकुड़ जिले के संवेदकों ने डीसी को ज्ञापन सौंपकर लघु खनिजों के चालान जमा करने के नियम में राहत देने की मांग की है. उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था के कारण विकास कार्यों के साथ-साथ बिल भुगतान भी प्रभावित हो रहा है.
संवेदकों ने बताया कि वर्तमान नियमों के अनुसार बिल भुगतान के लिए मिट्टी, डस्ट, बालू, पत्थर डस्ट और ईंट जैसी निर्माण सामग्रियों का चालान जमा करना अनिवार्य है. लेकिन स्थानीय बाजार में इन सामग्रियों के चालान उपलब्ध नहीं होने से उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
ज्ञापन में कहा गया है कि चालान उपलब्ध नहीं होने के कारण कई निर्माण कार्यों के बिल लंबित पड़े हैं, जिससे संवेदकों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है. इसके साथ ही कई सरकारी विकास योजनाओं की प्रगति भी धीमी पड़ गई है.
संवेदकों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि निर्माण कार्यों में उपयोग की जा रही सभी सामग्रियां स्थानीय स्तर से ही खरीदी जा रही हैं. उन्होंने मांग की कि मिट्टी, डस्ट और ईंट जैसी मूलभूत निर्माण सामग्रियों के लिए चालान जमा करने की अनिवार्यता में छूट या शिथिलता प्रदान की जाए, ताकि विकास कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सकें और लंबित भुगतानों का शीघ्र निपटारा हो सके.
संवेदकों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन उनकी व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेगा, जिससे विकास कार्यों की रफ्तार बनी रहे और संवेदकों को राहत मिल सके.
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