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पलामू/डेस्क: नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय और उसके अंतर्गत आने वाले विभिन्न कॉलेजों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों ने छह महीने से वेतन भुगतान नहीं होने का आरोप लगाते हुए आंदोलन का ऐलान किया है. कर्मियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र देकर तीन दिवसीय हड़ताल, विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी और मांग पूरी नहीं होने पर 1 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2 बजे सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी है.
कर्मियों का कहना है कि वे पहले भी 24 सितंबर को विश्वविद्यालय प्रशासन को अल्टीमेटम दे चुके हैं, लेकिन अब तक वेतन भुगतान को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. उनका आरोप है कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार चलाने में भारी परेशानी हो रही है.
आउटसोर्सिंग कर्मियों के अनुसार, निर्धारित और भुगतान किए जा रहे वेतन में भी काफी अंतर है. उनके मुताबिक गार्ड का वेतन 24 हजार रुपये निर्धारित है, लेकिन 16,300 रुपये दिए जाते हैं. चपरासी के लिए 18,500 रुपये के बजाय 8,500 रुपये, कंप्यूटर ऑपरेटर और इलेक्ट्रीशियन के लिए 24,800 रुपये के बजाय 12 हजार रुपये, माली के लिए 18,700 रुपये के बजाय 12,800 रुपये तथा सफाई कर्मियों के लिए 16,300 रुपये के बजाय 7,500 रुपये भुगतान किए जाने का आरोप है.
कर्मियों ने पीएफ को लेकर भी सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि पीएफ के नाम पर राशि की कटौती की गई, लेकिन अब तक उनका पीएफ अकाउंट नहीं खोला गया है.
कर्मियों के मुताबिक पूरे पलामू प्रमंडल में नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालय में करीब 125 आउटसोर्सिंग कर्मी कार्यरत हैं. कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से 1 अक्टूबर तक बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है.
वहीं, सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी के बाद यह मामला गंभीर हो गया है. अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की मांगों को लेकर क्या कदम उठाया जाता है.