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रांची/डेस्क: नामकुम अंचल में जमीन की खरीद-बिक्री, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) में कथित अनियमितता और राजस्व अभिलेखों के गायब होने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है. झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश के अनुपालन में एसीबी ने नामकुम के तत्कालीन अंचल अधिकारी (CO), अंचल निरीक्षक (CI) समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है. मामले की सुनवाई के दौरान एसीबी ने एफिडेविट के माध्यम से इसकी जानकारी हाईकोर्ट को दी. हाईकोर्ट के न्यायाधीश राजेश शंकर की कोर्ट ने एसीबी का पक्ष जानने के बाद इस अवमानना याचिका को निष्पादित कर दिया.
प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं की पुष्टि
एसीबी की ओर से अदालत को बताया गया कि राज्य सरकार से आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच (PE) दर्ज की गई. जांच के दौरान नामकुम अंचल कार्यालय के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई. जांच में मिले तथ्यों के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ नियमित एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
जमीन के रिकॉर्ड गायब होने का है मामला
यह मामला नामकुम अंचल क्षेत्र की एक विवादित जमीन से जुड़ा है. याचिकाकर्ता थॉमस साइमन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि संबंधित भूमि के दाखिल-खारिज में गंभीर अनियमितताएं की गईं. साथ ही भूमि से जुड़े मूल राजस्व अभिलेख गायब कर दिए गए, जिससे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच प्रभावित हुई. याचिका में यह भी कहा गया था कि अदालत के निर्देश के बावजूद संबंधित म्यूटेशन आदेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई.
हाईकोर्ट के आदेश के बाद एसीबी ने दर्ज की एफआईआर
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने पहले एसीबी को पूरे प्रकरण की जांच का जिम्मा सौंपा था. जांच पूरी होने के बाद एसीबी ने अदालत को बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई. इसके बाद हाईकोर्ट ने संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया, जिसके अनुपालन में एसीबी ने तत्कालीन सीओ, सीआई समेत तीन लोगों पर मामला दर्ज कर लिया है. एसीबी की ओर से सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल सुमित गाड़ोदिया ने पक्ष रखा. वहीं याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जेजे सांगा ने पक्ष रखा.