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चतरा/डेस्क: चतरा जिले के मगध-आम्रपाली कोयला क्षेत्र से एक बड़ी खबर है. कोयला माफियाओं और अवैध खनन के खिलाफ सीआईएसएफ (CISF) ने एक बार फिर तगड़ा प्रहार किया है. सीआईएसएफ की पिपरवार और एनके इकाई ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए फुलवरिया रेलवे साइडिंग के पीछे से भारी मात्रा में अवैध कोयला बरामद किया है. इस बड़ी कार्रवाई से इलाके के कोयला तस्करों में हड़कंप मच गया है.
बुधवार को सीआईएसएफ कमांडेंट अमित कुमार के निर्देश पर मगध-आम्रपाली क्षेत्र में अवैध कोयला खनन और परिवहन के खिलाफ एक विशेष टीम गठित कर अभियान चलाया गया. दरअसल, सुरक्षा बलों को गुप्त सूचना मिली थी कि फुलवरिया रेलवे साइडिंग के पीछे एक सुनसान जगह पर अवैध रूप से भारी मात्रा में कोयला डंप किया गया है. इसी सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उप कमांडेंट अजय कुमार पांडेय के नेतृत्व में टीम ने मौके पर छापेमारी की और काले खेल का भंडाफोड़ किया. टीम ने मौके से कुल 275 टन अवैध कोयला जब्त किया है. 1,260 रुपये प्रति टन के हिसाब से इस बरामद कोयले की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 46 हजार 500 रुपये आंकी गई है.
सीसीएल प्रबंधन के सहयोग से इस कोयले को फुलवरिया साइडिंग स्थित वे-ब्रिज पर वजन कराया गया और उसके बाद पूरी प्रक्रिया के तहत उसे सीसीएल मगध प्रबंधन के सुपुर्द कर दिया गया. अवैध कोयला गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए सीआईएसएफ अब हाई-टेक संसाधनों का भी इस्तेमाल कर रही है. इसी कड़ी में, इलाके के अन्य संवेदनशील और संदिग्ध ठिकानों की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का सहारा लिया गया, ताकि माफियाओं के छिपे हुए ठिकानों का भी पता लगाया जा सके.
इस महाअभियान में सहायक कमांडेंट हर्ष लावण्या और सुभाष के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों ने कई जगहों पर सघन जांच की. इस पूरी कार्रवाई के दौरान सीसीएल के महाप्रबंधक राजीव सिन्हा और निरीक्षक बलदेव यादव समेत सीआईएसएफ के कई अधिकारी मौजूद रहे. सीआईएसएफ के अनुसार, मामले को लेकर बरियातू और लातेहार पुलिस को सूचित कर दिया गया है, ताकि दोषियों पर खान एवं खनिज (एमएमडीआर - MMDR) अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके. सीआईएसएफ ने साफ संदेश दिया है कि अवैध कोयला तस्करों के खिलाफ स्थानीय पुलिस और प्रशासन के समन्वय से यह अभियान आगे भी अनवरत जारी रहेगा.
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