न्यूज़11 भारत
बालूमाथ/डेस्क: एक वक्त था, जब मनरेगा योजना में कुछ झोलाछाप ठेकेदार, मनरेगा कर्मियों की मिलीभगत से फर्जी मजदूरों की उपस्थिति दिखाकर सरकारी राशि की निकासी कर लिया करते थे. हालांकि, अब VB-G RAM G योजना के नए नियमों के तहत इस तरह का फर्जीवाड़ा करना आसान नहीं है. ऑनलाइन निगरानी और योजनाओं की जांच के माध्यम से अधिकारियों को अब फर्जीवाड़े का पता चल जा रहा है.
इसी क्रम में बालूमाथ प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सोमा उरांव ने VB-G RAM G योजना में फर्जीवाड़े के मामले में चार मेठ को बर्खास्त कर दिया है. वहीं, तीन रोजगार सेवकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है.
मिली जानकारी के अनुसार, प्रखंड की बालू पंचायत के बालू ग्राम में रुकसाना बीबी की जमीन पर आम बागवानी योजना के तहत मेठ जासमीन बीबी द्वारा NMMS के माध्यम से मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कराई गई थी. इसी तरह मासियातू पंचायत के लक्ष्मीपुर में रामसहाय लोहरा की जमीन पर आम बागवानी योजना में मेठ बसंती देवी द्वारा मजदूरों की तस्वीर NMMS के माध्यम से अपलोड की गई थी.
वहीं, बालू ग्राम में चंदर गंझू की जमीन पर आम बागवानी योजना में मेठ निशा कुमारी द्वारा NMMS के माध्यम से मजदूरों की उपस्थिति दर्ज दिखाई गई. इसके अलावा भगेया पंचायत के केरी गांव में फुलमनी देवी की जमीन पर आम बागवानी योजना में मेठ राज कुमारी द्वारा NMMS के माध्यम से मजदूरों की तस्वीरें अपलोड की गई थीं. जांच के दौरान उक्त तस्वीरें प्रखंड लॉगिन में डुप्लीकेट मस्टर फोटो के रूप में प्रदर्शित हुईं. इससे प्रथम दृष्टया फर्जी मजदूरों की तस्वीरें अपलोड किए जाने का मामला सामने आया. मामले में बीडीओ ने संबंधित सभी मेठ से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर चारों मेठ को बर्खास्त कर दिया गया. साथ ही संबंधित पंचायतों के तीन रोजगार सेवकों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है.
बीडीओ सोमा उरांव ने स्पष्ट कहा कि विकास योजनाओं में किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और वास्तविक मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है.
इसे भी पढ़ें: रांची: रिम्स में चोरी, AC का लाखों रुपये का कॉपर पाइप काटकर ले गए चोर