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रांची/डेस्क: झारखंड नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि करीब 15 दिन पहले उत्पाद विभाग से भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) बड़ी मात्रा में कागजात रात के अंधेरे में ले गई थी. उन्होंने ने इस घटना को संदिग्ध बताते हुए कहा कि यह सब एक अवैध डीजीपी के संरक्षण में हुआ.
आगे उन्होंने कहा "अवैध डीजीपी के संरक्षण में इस घटना को पूरी तरह से गुप्त और संदिग्ध परिस्थितियों में अंजाम दिया गया था. मैंने तब भी इस अस्वाभाविक गतिविधि पर सवाल उठाए थे. बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में आगे बताया कि CAG ने झारखंड की उत्पाद नीति के क्रियान्वयन और राजस्व वसूली की जांच के लिए ऑडिट शुरू करने की तैयारी की थी लेकिन ऑडिट शुरू होने से पहले ही उत्पाद विभाग ने CAG को कागजात उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि सारे दस्तावेज ACB ले गई हैं.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो कागजात ACB द्वारा ले जाए गए, उनका न तो विधिवत फोटोकॉपी विभाग के पास रखी गई और न ही उन कागजातों की विस्तारपूर्वक पूरी लिस्ट बनाकर उसका प्राप्ति रसीद एसीबी द्वारा उत्पाद विभाग को दिया गया. उन्होंने ये सवाल उठाया कि क्या यह आधी रात को कागजात ले जाना एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा था? उन्होंने पूछा कि क्या उत्पाद विभाग ऑडिट से डर रहा है और क्या हजारों करोड़ के घोटाले के सबूतों को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है?
बाबूलाल मरांडी ने अंत में कहा कि भ्रष्टाचारी लाख कोशिशें कर लें, लेकिन वे कानून से बच नहीं सकते. उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड में हुए शराब घोटाले को दबाया नहीं जा सकता और झारखंड को लूटने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और अपराध सिद्ध होने पर दुबारा होटवार भेजा जाएगा.
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