प्रमोद कुमार,/न्यूज़11 भारत
बरवाडीह/डेस्क: बरवाडीह के आदर्शनगर स्थित पेटल ब्लूम एकेडमी, प्ले कम प्राइमरी स्कूल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया. इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. जन्माष्टमी को लेकर विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था. बच्चे श्रीकृष्ण, राधा और गोपियों की वेशभूषा में विद्यालय पहुंचे, जिससे पूरा परिसर कृष्णमय नजर आया. नन्हे बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया. बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए.
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नन्हे कान्हा द्वारा मटकी फोड़ने का कार्यक्रम रहा. श्रीकृष्ण की वेशभूषा में सजे बच्चे ने उत्साह के साथ मटकी फोड़ी, जिसके बाद विद्यालय परिसर तालियों और जयकारों से गूंज उठा. बच्चों ने कृष्ण के बाल स्वरूप, राधा-कृष्ण की झांकी और भक्ति गीतों के माध्यम से जन्माष्टमी की खुशियां साझा कीं. इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के महत्व के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, सत्य, कर्म, मित्रता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाता है.
विद्यालय के डायरेक्टर कुमार विवेक ने बच्चों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ उन्हें अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी आवश्यक है. ऐसे आयोजनों से बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और आपसी सहयोग की भावना विकसित होती है. वहीं विद्यालय की मैनेजमेंट माया देवी ने भी सभी बच्चों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक-शिक्षिकाओं रिया, शिवानी, साजिया, सिमरन, पायल एवं आकांक्षा का महत्वपूर्ण योगदान रहा.
जन्माष्टमी समारोह के दौरान बच्चों के उत्साह और उमंग से पूरा विद्यालय परिसर उत्सव के रंग में रंगा नजर आया. नन्हे राधा-कृष्ण की मनमोहक वेशभूषा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मटकी फोड़ कार्यक्रम ने समारोह को यादगार बना दिया.