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रांची/डेस्क: आदिवासी जमीन को क्रिश्चियन मिशनरी संस्थाओं को हस्तांतरित किए जाने के कथित मामले में झारखंड हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार, केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, केंद्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग तथा गुमला, सिमडेगा, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्तों को नोटिस जारी किया है.
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार और अधिवक्ता नितेश्वरी कुमारी ने अदालत को बताया कि GEL मिशन और RC मिशन सोसाइटी को आदिवासी जमीनों का हस्तांतरण किया गया है. उनका दावा है कि यह हस्तांतरण छोटानागपुर काश्तकारी (CNT) अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए किया गया. याचिकाकर्ता की ओर से यह भी कहा गया कि गुमला, सिमडेगा, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में हजारों एकड़ आदिवासी जमीन कम कीमत पर हस्तांतरित की गई है. इसके कारण इन क्षेत्रों की जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है.
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि इस विषय पर विस्तृत सुनवाई आवश्यक है. यह जनहित याचिका विष्णु साहू की ओर से दाखिल की गई है. अब हाई कोर्ट द्वारा जारी नोटिस के जवाब और संबंधित पक्षों के पक्ष रखने के बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी. यह मामला आदिवासी भूमि अधिकारों और CNT एक्ट के अनुपालन से जुड़ा होने के कारण राज्यभर में चर्चा का विषय बना हुआ है.
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