न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
राहुल कुमार / शेरघाटी : बांकेबाजार थाना एक बार फिर सुर्खियों में है। मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव ने गंभीर आरोपों में बांकेबाजार के थानाध्यक्ष मंटू कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर एक ठेकेदार के वाहन को बिना वैधानिक प्रक्रिया थाना परिसर में रखने, विधि-सम्मत कार्रवाई नहीं करने तथा वाहन छोड़ने के बदले विरोधी पक्ष को चार लाख रुपये दिलाने के लिए दबाव बनाने का आरोप है। जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार 20 मई 2026 की शाम भवन निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार अमरेन्द्र पाठक ने सीधे आईजी को फोन कर शिकायत की थी कि कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट कर उनकी टाटा सफारी वाहन थाना पहुंचा दी है, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की जा रही। पीड़ित का आरोप था कि उन पर समझौता करने और रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा है।
एसएसपी और शेरघाटी पुलिस को जांच का निर्देश
आईजी ने तत्काल थानाध्यक्ष को विधि-सम्मत कार्रवाई का निर्देश दिया, लेकिन शिकायतकर्ता ने दोबारा फोन कर बताया कि उन्हें न्याय मिलने के बजाय समझौते के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए गया एसएसपी और शेरघाटी पुलिस अधिकारियों को जांच का निर्देश दिया गया। बाद में अमरेन्द्र पाठक ने आईजी कार्यालय पहुंचकर लिखित आवेदन दिया। आवेदन में आरोप लगाया गया कि थानाध्यक्ष ने गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया तथा वाहन छोड़ने के बदले चार लाख रुपये का चेक लाने की शर्त रखी। साथ ही उनसे और उनके पिता से दबाव बनाकर समझौता पत्र पर हस्ताक्षर भी कराए गए।
चौंकाने वाले तथ्य आए सामने
शेरघाटी एसडीपीओ की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि वाहन को बिना किसी लिखित आवेदन और बिना जब्ती सूची तैयार किए थाना परिसर में रखा गया था। इतना ही नहीं, वाहन छोड़ने के लिए चार लाख रुपये के चेक संबंधी समझौते की बात भी सामने आई। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि पूरे मामले की सूचना किसी वरीय अधिकारी को नहीं दी गई थी। आईजी ने अपने आदेश में इसे पुलिस की छवि धूमिल करने वाला आचरण बताते हुए घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता, कर्तव्यहीनता और संदिग्ध कार्यशैली का मामला माना है। निलंबन के साथ ही मंटू कुमार के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश भी दिया गया है।
दो साल में चार अफसरों पर कार्रवाई
मंटू कुमार का निलंबन केवल एक अधिकारी पर हुई कार्रवाई नहीं है, बल्कि बांकेबाजार थाना से जुड़े लगातार चौथे बड़े निलंबन का मामला है। इससे पहले 3 अगस्त 2024 को तत्कालीन थानाध्यक्ष अमित कुमार, 22 अप्रैल 2025 को महिला दारोगा नेहा कुमारी और 3 मई 2025 को तत्कालीन थानाध्यक्ष विनय चौरसिया भी अलग-अलग मामलों में निलंबित किए जा चुके हैं।
थाने की निगरानी पर सवाल
लगातार चार पुलिस अधिकारियों पर हुई विभागीय कार्रवाई के बाद बांकेबाजार थाना की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर एक ही थाना बार-बार विवादों और अनुशासनात्मक कार्रवाई की वजह क्यों बन रहा है। पुलिस महकमे में भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। विभागीय कार्रवाई से जहां जवाबदेही का संदेश गया है, वहीं यह सवाल भी उठ रहा है कि ऐसी परिस्थितियां लगातार क्यों पैदा हो रही हैं। दो वर्षों में चार अधिकारियों के निलंबन के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस प्रशासन बांकेबाजार थाना की बिगड़ती छवि को सुधारने के लिए क्या कदम उठाता है।