चाईबासा परिषद की बैठक में एक स्वर में निर्णय, रामहरि गोप सर्वसम्मति से चुने गये केंद्रीय अध्यक्ष

चाईबासा परिषद की बैठक में एक स्वर में निर्णय, रामहरि गोप सर्वसम्मति से चुने गये केंद्रीय अध्यक्ष

ओबीसी समाज से राजनीतिक छल बंद करे सरकार - गोप-गौड़ आरक्षण आंदोलन समिति

चाईबासा परिषद की बैठक में एक स्वर में निर्णय रामहरि गोप सर्वसम्मति से चुने गये केंद्रीय अध्यक्ष

रोहन निषाद/न्यूज़ 11 भारत 

चाईबासा/डेस्क:  गोप-गौड़ आरक्षण आंदोलन समिति की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक बिपिन गोप के अध्यक्षता में सर्किट हाउस, चाईबासा में संपन्न हुई. बैठक में झारखंड की वर्तमान महागठबंधन सरकार पर ओबीसी समाज के साथ अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक छल करने का गंभीर आरोप लगाया गया. समिति ने एक स्वर में कहा कि चुनाव के समय 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार सत्ता में आते ही उस वादे को पूरी तरह भूल चुकी है.

बैठक में कहा गया कि सरकार के गठन के लगभग 22 महीने बीत जाने के बावजूद विधानसभा के किसी भी सत्र में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने से संबंधित एक भी विधेयक का प्रस्तुत न किया जाना यह स्पष्ट करता है कि यह सरकार ओबीसी समाज के अधिकारों को लेकर गंभीर नहीं है. यह सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सुनियोजित राजनीतिक धोखा है.

समिति ने कहा कि चुनावी घोषणा पत्र में सत्ता में आने के तीन महीने के भीतर 27% आरक्षण लागू करने का जो वादा किया गया था, वह आज केवल एक खोखला राजनीतिक जुमला बनकर रह गया है. सत्ता मिलते ही वादों से मुकर जाना सिर्फ राजनीतिक बेईमानी नहीं है, बल्कि यह करोड़ों ओबीसी परिवारों के विश्वास पर सीधा हमला है. आज झारखंड में सामाजिक न्याय की नहीं, बल्कि कुर्सी बचाने की राजनीति हो रही है.

बैठक में सरकार में शामिल पार्टी की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए. समिति ने कहा कि सरकार की निर्णायक साझेदार होने के बावजूद यदि पार्टी ओबीसी आरक्षण जैसे बुनियादी और संवैधानिक मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है, तो यह उसकी कथनी और करनी के बीच गहरे अंतर को दर्शाता है. सामाजिक न्याय का झंडा उठाने का दावा करने वाली पार्टी की यह चुप्पी, ओबीसी समाज का खुला अपमान है.

बैठक में यह भी कहा गया कि झारखंड के सात जिलों में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण शून्य होना अपने-आप में एक संवैधानिक अपराध है. विशेषकर पश्चिमी सिंहभूम जैसे आदिवासी बहुल जिले में ओबीसी समाज को पूरी तरह आरक्षण से बाहर कर देना यह साबित करता है कि सरकार की नीतियाँ समावेशी नहीं, बल्कि बहिष्करणकारी हैं. इसका सीधा परिणाम यह है कि ओबीसी समाज शिक्षा, रोजगार और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व, तीनों क्षेत्रों में लगातार हाशिए पर धकेला जा रहा है.

समिति ने कहा कि योग्यता, मेहनत और प्रतिभा होने के बावजूद ओबीसी युवाओं को अवसर नहीं मिल रहा है. सरकार की नीतियों ने युवाओं को हताशा, कुंठा और बेरोजगारी की दलदल में धकेल दिया है. यह केवल ओबीसी समाज का नुकसान नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के भविष्य के साथ खिलवाड़ है.

बैठक में इस स्थिति को भारतीय संविधान की खुली अवहेलना बताया गया. वक्ताओं ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार देता है, लेकिन जब किसी जिले में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण शून्य कर दिया जाए, तो समानता केवल किताबों और भाषणों तक सीमित रह जाती है. वहीं अनुच्छेद 15 और 16 सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को विशेष संरक्षण देने की स्पष्ट व्यवस्था करते हैं, जिसे यह सरकार लगातार कुचल रही है.

इस संगठनात्मक बैठक में गोप, गौड़ आरक्षण आंदोलन समिति का विस्तार पर भी निर्णय लिया गया.

  • सर्वसम्मति से रामहरि गोप को केंद्रीय अध्यक्ष चुना गया
  • केंद्रीय संरक्षक के रूप में विपिन गोप, केंद्रीय सलाहकार राजू पान, सुकदेव गोप एवं रघुनाथ गोप चुने गये 
  • केंद्रीय उपाध्यक्ष भारत गोप एवं पीपुन बारीक बनाये गये
  • केंद्रीय महासचिव भास्कर गोप बने
  • उपसचिव राजू गोप बने
  • केंद्रीय सचिव सोनाराम गोप बनाये गये
  • संगठन सचिव रविन्द्र बेहरा बने
  • सह संगठन सचिव संजीत कुमार बने
  • कोषाध्यक्ष शैलेश गोप बनाये गये
  • सह कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी विश्वनाथ गोप को सौंपी गई
  •  शुरू गोप एवं सरिता गोप को केंद्रीय सदस्य बनाया गया

केंद्रीय बैठक में लगभग 55 प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही. बैठक के अंत में यह सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया कि यदि सरकार ने शीघ्र ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर ठोस, समयबद्ध और स्पष्ट कदम नहीं उठाए, तो राज्यव्यापी आंदोलन को और अधिक उग्र एवं व्यापक रूप दिया जाएगा. समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी कि ओबीसी समाज अब और ठगा जाना स्वीकार नहीं करेगा और अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए निर्णायक संघर्ष करेगा.

यह भी पढ़ें: राजगंज में अज्ञात फोर व्हीलर की टक्कर से बाइक सवार गंभीर रूप से घायल

संबंधित सामग्री

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से की मुलाकात 

झारखंड

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से की मुलाकात 

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए झारखंड सरकार का मिशन मोड अभियान, एमडीए-2026 की व्यापक तैयारी

झारखंड

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए झारखंड सरकार का मिशन मोड अभियान, एमडीए-2026 की व्यापक तैयारी

कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा से की मुलाकात 

झारखंड

कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा से की मुलाकात 

नेक्सजेन ऑटोमोबाइल के संचालक विनय कुमार सिंह को नहीं मिली राहत, ACB कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका  

झारखंड

नेक्सजेन ऑटोमोबाइल के संचालक विनय कुमार सिंह को नहीं मिली राहत, ACB कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका  

निलंबित IAS विनय चौबे से जुड़े मामले में ACB ने अशोक नगर स्थित प्रीहोम-होमियोपैथिक क्लिनिक में की छापेमारी 

झारखंड

निलंबित IAS विनय चौबे से जुड़े मामले में ACB ने अशोक नगर स्थित प्रीहोम-होमियोपैथिक क्लिनिक में की छापेमारी