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रांची/डेस्क: झारखंड हाईकोर्ट में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें उन्होंने देवघर के मोहनपुर थाना क्षेत्र में दर्ज प्राथमिकी और उनके खिलाफ दाखिल चार्जशीट को निरस्त करने की मांग की हैं.
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए दूसरी बार अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया. इस पर नाराजगी जताते हुए न्यायालय ने सरकार पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया.
याचिका में निशिकांत दुबे ने अपने खिलाफ दर्ज केस को “अनुचित और निराधार” बताते हुए रद्द करने का आग्रह किया हैं. कोर्ट ने इस मामले में सांसद के खिलाफ किसी भी तरह की पीड़क कार्रवाई पर रोक जारी रखी हैं.
यह मामला उस घटना से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सांसद ने मोहनपुर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को जो बाजार में बैल खरीद-बिक्री का काम करता था उसे बांग्लादेशी घुसपैठिया बताकर उसके साथ मारपीट की थी और उसके बैल को भगा दिया था. बाद में दुबे ने उस व्यक्ति को पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया था. सांसद निशिकांत दुबे का कहना है कि उस इलाके में बांग्लादेशी घुसपैठियों द्वारा पशु तस्करी की घटनाएं सामने आती रहती है, इसलिए उन्होंने संदेह के आधार पर कार्रवाई की थी.
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