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रांची/डेस्क: टेंडर कमीशन घोटाले के मामले में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई हैं. झारखंड हाईकोर्ट ने अपने फैसले को फिलहाल सुरक्षित रख लिया हैं. पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने पीएमएलए कोर्ट द्वारा खारिज की गई डिस्चार्ज पिटीशन और उनके खिलाफ आरोप गठित करने के फैसले को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी हैं. सुनवाई में ईडी की ओर से अधिवक्ता जोहेब हुसैन, एके दास और सौरव कुमार ने पक्ष रखा.
ईडी ने टेंडर घोटाले की जांच के दौरान पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, उनके OSD संजीव लाल और नौकर जहांगीर आलम के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया हैं. 6 मई 2024 को ईडी ने कई इंजीनियरों, ठेकदारों, कांट्रैक्टरों और संबंधित अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. छापेमारी में संजीव लाल के सहायक जहांगीर आलम के आवास से करीब 32.2 करोड़ रुपये, संजीव लाल के आवास से 10.5 लाख रुपये और उनके सचिवालय स्थित कार्यालय से 2.3 लाख रुपये बरामद हुए थे. इतनी बड़ी रकम की बरामदगी के बाद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ईडी के रडार पर आ गए थे. दो दिनों की पूछताछ के बाद 15 मई 2024 को ईडी ने आलमगीर आलम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था. तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं.
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