नीरज कुमार साहू/न्यूज11 भारत
गुमला/डेस्क: प्रखंड के टागरजरिया करमटोली गांव में पारंपरिक पत्थलगड़ी जतरा का भव्य आयोजन किया गया. इस सांस्कृतिक व ऐतिहासिक महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक जिग्गा सुसारण होरो शामिल हुए. कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों ने पूरे उत्साह के साथ बढ़-चढ़कर भाग लिया और आयोजन को ऐतिहासिक बनाया.
आयोजन स्थल पर पूरी तरह से पारंपरिक रीति-रिवाजों और मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से समृद्ध आदिवासी संस्कृति की अनुपम झलक देखने को मिली. मांदर की थाप पर ग्रामीण जमकर थिरके.
पत्थलगड़ी केवल परंपरा नहीं, इतिहास और पहचान का प्रतीक: जिग्गा सुसारण होरो
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक जिग्गा सुसारण होरो ने पत्थलगड़ी के महत्व पर विशेष जोर दिया. उन्होंने कहा, 'पत्थलगड़ी केवल एक परंपरा नहीं है, बल्कि यह आदिवासी समाज की पहचान, गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है. अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को संरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.'
विधायक ने विशेष रूप से युवा पीढ़ी से अपनी जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान किया. इसके साथ ही उन्होंने समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा, सामाजिक एकता और क्षेत्र के विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने की पुरजोर अपील की. इस भव्य आयोजन के दौरान पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों में अभूतपूर्व उत्साह और एकजुटता देखने को मिली. कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय नेताओं और गणमान्य लोगों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
इस इस दौरान मुख्य रूप से उपस्थित सुकरात उरांव (प्रखंड अध्यक्ष),जयंत दास(प्रखंड सचिव),अनुज गोप,जेवियर समारोह में इनके अलावा क्षेत्र के कई अन्य गणमान्य लोग एवं सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण उपस्थित थे. पूरा जतरा महोत्सव अत्यंत शांतिपूर्ण, गरिमामयी और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ.
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