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रांची/डेस्क: झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फुरकान अंसारी ने पार्टी के हालिया निर्णयों पर नाराजगी जताते हुए अपनी पीड़ा सार्वजनिक की है. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने, संगठन को सींचने और समाज को जोड़ने में लगा दिया, लेकिन हाल के फैसलों से उन्हें गहरी ठेस पहुंची है.
फुरकान अंसारी ने कहा कि संघर्ष के दिनों से लेकर आज तक वह हर परिस्थिति में पार्टी के साथ खड़े रहे. उन्होंने कभी पद की चिंता नहीं की और हमेशा संगठन तथा पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम किया. इसके बावजूद उनके वर्षों के समर्पण और योगदान को नजरअंदाज किया गया, जिससे उन्हें गहरा दुख हुआ है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी किसी पद को लेकर नहीं है, बल्कि पीड़ा इस बात की है कि दशकों तक पार्टी के लिए किए गए संघर्ष और समर्पण को उचित सम्मान नहीं मिला. उन्होंने कहा कि जिस उम्र में अनुभव और योगदान का सम्मान होना चाहिए, उस समय स्वयं को उपेक्षित महसूस करना बेहद कष्टदायक है. हालांकि फुरकान अंसारी ने यह भी कहा कि वह आज भी कांग्रेस के सिपाही हैं और आगे भी पार्टी के साथ बने रहेंगे. उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी नेतृत्व जमीनी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं की भावनाओं का सम्मान करेगा.
अपने बयान में उन्होंने कहा कि संगठन तभी मजबूत होता है जब संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं की आवाज सुनी जाए और उनके आत्मसम्मान का ख्याल रखा जाए. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पीड़ा केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि उन हजारों कार्यकर्ताओं की भावना है जिन्होंने अपना जीवन कांग्रेस पार्टी को समर्पित कर दिया है.
फुरकान अंसारी ने उम्मीद जताई कि भविष्य में पार्टी नेतृत्व निर्णय लेते समय जमीनी हकीकत, कार्यकर्ताओं की भावनाओं और वर्षों के योगदान को उचित महत्व देगा. उनके इस बयान के बाद झारखंड कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
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