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रांची/डेस्क: झारखंड की बहुचर्चित जमीन घोटाला मामले में रांची के पूर्व उपायुक्त (DC) छवि रंजन को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. वह 4 मई 2023 से जेल में बंद थे. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उन्हें कुछ सख्त शर्तों के साथ अंतरिम राहत दी है. न्यायमूर्ति सूर्यकान्त और न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची की पीठ ने सुनवाई करते हुए छवि रंजन को उनकी अब तक की हिरासत अवधि को ध्यान में रखते हुए जमानत दी. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत के दौरान आरोपी न तो मामले से जुड़े किसी गवाह को प्रभावित करेंगे और न ही ट्रायल कोर्ट की अनुमति के बिना झारखंड से बाहर जाएंगे.
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि छवि रंजन को ट्रायल कोर्ट की हर सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहना होगा. साथ ही, ट्रायल कोर्ट को यह अधिकार दिया गया है कि वह अपने विवेक से बेल बॉन्ड की राशि और अन्य शर्तें तय कर सकता है. छवि रंजन को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया गया था. इससे पहले उनकी जमानत याचिका PMLA स्पेशल कोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.
किस मामले में मिली है बेल?
जिस मामले में जमानत दी गई है, वह रांची के बड़गाईं अंचल स्थित बरियातू इलाके की सेना की कब्जे वाली जमीन की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़ा है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में खुलासा हुआ था कि इस जमीन की फर्जी दस्तावेजों के जरिए खरीद-फरोख्त की गई और बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग की गई.
इस केस में छवि रंजन के अलावा कई अन्य आरोपी भी शामिल हैं, जिनमें प्रसिद्ध कारोबारी विष्णु अग्रवाल, राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, फर्जी रैयत प्रदीप बागची, तथा जमीन कारोबारी अफसर अली, इम्तियाज खान, तल्हा खान, फैयाज खान, मोहम्मद सद्दाम, अमित अग्रवाल और दिलीप घोष के नाम शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट से मिली इस राहत के बाद अब निगाहें ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही और केस की आगामी सुनवाइयों पर टिकी हैं.
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