संतोष कुमार/न्यूज11 भारत
पुरुलिया/डेस्क: पुरुलिया के बांदी गांव के किसान अश्विनी गोराई ने बताया कि शिला कंपनी के ‘1001’ धान के बीज खरीदने के बाद मुश्किल में हैं. पीड़ित किसान अश्विनी गोराई ने बताया कि विश्वकर्मा पूजा से ठीक पहले, तय समय से बहुत पहले, आठ बीघा ज़मीन पर बीज बोने के बाद, कच्चे पौधों में फूल आ गए हैं और धान की बालियां निकल आई हैं जो कि चिंता का विषय है.
उन्होंने कहा कि खाद, बीज और मज़दूरी पर लगभग 52,200 रुपया तक खर्च करने के बाद उसको बहुत ज़्यादा पैसे का नुकसान हो रहा है. उन्हें डर है कि असमय धान में कीड़े और चूहों के लगने से पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी, इसलिए उन्होंने लोकल एग्रीकल्चर ऑफिसर (ADO) को लिखित शिकायत की है और सही मुआवज़े की मांग की है.
अपनी खेती में सब कुछ लगाने वाले गरीब किसानों की इस अजीब हरकत से इलाके में बहुत डर फैल गया है. दुकान के मालिक सत्यनारायण परमानिक ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद बीज कंपनी से संपर्क किया गया. कंपनी के प्रतिनिधियों ने ज़मीन का मुआयना करने और कार्रवाई करने का भरोसा दिया. दूसरी ओर, बीज कंपनी के एक अधिकारी ने फ़ोन पर दावा किया कि बीजों के बारे में पहले कोई शिकायत नहीं मिली थी, जो चार साल से सफलतापूर्वक बेचे जा रहे हैं. हालांकि, उन्होंने मौजूदा मामले की जल्द जांच करने और प्रभावित किसानों को ज़्यादा से ज़्यादा मुआवज़ा दिलाने का वादा किया.
यह भी पढ़ें: जलझुलनी एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना का विशेष विधान, आज की गई आराधना नहीं जाती है निष्फल