संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़11 भारत
पलामू/डेस्क: जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक हथिनी चोरी हो गई है, जिसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये बताई जा रही है. हथिनी में सुरक्षा के लिए एक विशेष चिप लगाया गया था, जिसके आधार पर अब पुलिस और वन विभाग की टीम उसकी लोकेशन ट्रैक करने में जुट गई है. इस संबंध में मेदिनीनगर सदर थाना में एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है.
हथिनी की जिम्मेदारी सौंपने के बाद हुई गड़बड़ी
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के विंध्याचल निवासी नरेंद्र कुमार शुक्ला हथिनी के असली मालिक हैं. उन्होंने बताया कि हथिनी ‘जयमति’ नाम से जानी जाती है, जो उन्हें संगम लाल से जिम्मेनामा पर मिली थी. खाने-पीने और देखभाल की उचित व्यवस्था न होने के कारण वे हथिनी को लेकर झारखंड के पलामू पहुंचे थे. नरेंद्र शुक्ला ने हथिनी की देखभाल की जिम्मेदारी मिर्जापुर निवासी मुन्ना पांडेय और चुनार के रहने वाले मन्ना पाठक को सौंप दी थी. इसी दौरान दोनों की दोस्ती एक अन्य हाथी मालिक ताड़केश्वर नाथ से हो गई.
अचानक हथिनी और महावत हुए लापता
नरेंद्र शुक्ला ने पुलिस को बताया कि वे 11 अगस्त को पलामू के मेदिनीनगर सदर थाना क्षेत्र के जोरकट इलाके में पहुंचे थे. उस वक्त हथिनी और महावत वहीं मौजूद थे. लेकिन जब वे 13 अगस्त को दोबारा जोरकट पहुंचे, तो वहां न हथिनी थी और न ही महावत. इसके बाद उन्होंने कई दिनों तक झारखंड के अलग-अलग इलाकों में खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला.
पुलिस और वन विभाग की सक्रियता
आखिरकार, 12 सितंबर को नरेंद्र शुक्ला ने लिखित आवेदन देकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है. वहीं, हथिनी में लगे चिप का डाटा वन विभाग को उपलब्ध करा दिया गया है, ताकि उसकी सटीक लोकेशन पता लगाई जा सके. फिलहाल पुलिस ने हथिनी की चोरी के आरोप में संदिग्ध महावतों और उनसे जुड़े लोगों की तलाश शुरू कर दी है. मामले ने स्थानीय स्तर पर सनसनी फैला दी है, क्योंकि करोड़ों की कीमत वाली हथिनी के चोरी होने की यह पहली बड़ी वारदात बताई जा रही है.