भरत मंडल न्यूज 11 भारत
गांडेय/डेस्क: गिरीडीह के गांडेय थाना क्षेत्र के घाटकुल पंचायत अंतर्गत बक्सीगरजा गांव में शुक्रवार को जमीन विवाद के कारण एक बुजुर्ग का शव घंटों तक श्मशान घाट में पड़ा रहा. मृतक के परिजनों को ग्रामीणों ने श्मशान घाट में शव दफनाने से रोक दिया, जिससे गांव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई.
घटना की सूचना मिलने पर गांडेय थाना के एसआई अमित कुमार चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. वहीं अंचल कार्यालय के कर्मी भी गांव पहुंचे और ग्रामीणों व मृतक के परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू किया. जानकारी के अनुसार बक्सीगरजा गांव निवासी सुखीलाल टुडू के पिता 65 वर्षीय जल्फा टुडू की मौत गुरुवार शाम हो गई थी. शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे परिजन शव को दफनाने के लिए श्मशान घाट पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने विरोध करते हुए शव दफनाने से मना कर दिया.
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की गैरमजरुआ जमीन पर आदिवासी समाज का सार्वजनिक श्मशान घाट था, जहां वर्षों से गांव के लोग शव दफनाते आ रहे थे. आरोप है कि सुखीलाल टुडू ने फर्जी तरीके से उक्त जमीन अपने दोनों भाइयों के नाम बंदोबस्ती करवा ली और श्मशान घाट की जमीन पर खेती शुरू कर दी. ग्रामीणों की मांग है कि श्मशान घाट को सार्वजनिक घोषित किया जाए और जमीन की बंदोबस्ती रद्द की जाए.
वहीं सुखीलाल टुडू ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उक्त जमीन पर कभी श्मशान घाट नहीं था. वर्ष 1984-85 में यह जमीन उनके भाई के नाम बंदोबस्त हुई थी, जिसके बाद से परिवार खेती करता आ रहा है. समाचार लिखे जाने तक गांव के प्रधान बाबू राम हांसदा के नेतृत्व में ग्रामीणों और मृतक के परिजनों के बीच मामले को सुलझाने के लिए बैठक जारी थी.
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