प्रमोद कुमार/न्यूज़11 भारत
बरवाडीह/डेस्क: बरवाडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं उस समय सामने आ गईं, जब परिवार नियोजन पखवाड़ा के तहत बुधवार रात एनजीओ के माध्यम से बंध्याकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का औचक निरीक्षण करने रात करीब 9 बजे जिला सांसद प्रतिनिधि डॉ. चंदन कुमार एवं प्रखंड प्रमुख सुशीला देवी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं. निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाली लापरवाही उजागर हुई. जहां केंद्र में मात्र 17 मरीजों की क्षमता के अनुरूप व्यवस्था थी, वहीं नियमों को ताक पर रखकर 33 मरीजों का बंध्याकरण कर दिया गया. हालात ऐसे थे कि आधा दर्जन से अधिक मरीजों को अस्पताल परिसर के बाहर बेड पर सुलाना पड़ा. कड़ाके की ठंड के बावजूद मरीजों को न तो बेडशीट उपलब्ध कराई गई थी और न ही कंबल.स्थिति यहीं तक सीमित नहीं रही. ऑपरेशन रूम में भी साफ-सफाई का घोर अभाव पाया गया. चारों ओर गंदगी फैली हुई थी, जो संक्रमण के खतरे को दर्शा रही थी. इस गंभीर लापरवाही को देखकर सांसद प्रतिनिधि एवं प्रखंड प्रमुख ने गहरी नाराजगी जताई और मौके पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को तलब कर व्यवस्था को लेकर कड़ी फटकार लगाई.
जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद आनन-फानन में मरीजों के लिए बेडशीट और कंबल की व्यवस्था कराई गई. सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पूरे कार्यक्रम की जिम्मेदारी जिस एनजीओ को सौंपी गई थी, उसने केवल औपचारिकता निभाते हुए बंध्याकरण कराकर मौके से प्रस्थान कर लिया. इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करती है.निरीक्षण के दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष मनोज प्रसाद एवं पूर्वी पंचायत समिति सदस्य प्रवीण कुमार भी मौके पर मौजूद थे.
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