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धनबाद/डेस्क: पिछले कुछ समय से धनबाद से भू-धंसान की कई खबरें सामने आ रही हैं. ऐसे में एक बार फिर शुक्रवार देर रात टांडाबाड़ी गांव में जमीन तीन से चार फीट तक धंस गई, जिसके बाद इलाके में कोहराम मच गया. लगातार हो रहे भू-धंसान से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल हैं. बस्ती के लोगों का कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो आने वाले एक माह में पूरी बस्ती का अस्तित्व खत्म हो सकता हैं. भू-धंसान की चपेट में आकर अब तक करीब 20 घर पूरी तरह जमींदोज हो चुके है जबकि 1000 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं. प्रशासन और प्रबंधन की ओर से अब तक 98 परिवारों को बेलगड़िया टाउनशिप में शिफ्ट किया गया हैं. वहीं कुल 281 परिवारों को जल्द सुरक्षित स्थानों पर भेजने की तैयारी की जा रही हैं.
16 अप्रैल को हुए सर्वे के आधार पर प्रभावित परिवारों को तीन श्रेणियों में बांटकर पुनर्वास किया जाएगा. योजना के तहत 48 रैयत परिवारों को करमाटांड़, 197 गैर रैयत परिवारों को बेलगड़िया तथा 36 बीसीसीएल कर्मियों को सुरक्षित क्वार्टर में शिफ्ट किया जाएगा. धंसे हुए घरों से सामान निकालना पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन गया हैं. कई घरों के दरवाजे जाम हो गए है, जिससे अंदर रखा सामान बाहर नहीं निकाला जा पा रहा हैं. कार, बाइक समेत बड़ी मात्रा में घरेलू सामान अब भी मलबे में दबा हुआ हैं. घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश हैं. लोगों ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया हैं. ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कदम उठाए जाते तो इतनी बड़ी तबाही नहीं होती. वहीं मुआवजा और पुनर्वास को लेकर भी अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही हैं.