ब्योमकेश मिश्रा/न्यूज़11 भारत
चंदनकियारी/डेस्क: चंदनक्यारी प्रखंड के महाल गांव में रविवार को चाट्टेर्जी परिवार के द्वितीय नवजात सुपुत्र देवब्रत चाट्टेर्जी का अन्नप्राशन एवं नामकरण संस्कार वैदिक रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ. इस पावन अवसर पर परिवार एवं ब्राह्मण मंडली की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान विष्णु को साक्षी मानकर अनुष्ठान कराया गया.देवब्रत चाट्टेर्जी, पिता सुजय चाट्टेर्जी एवं माता रिम्पा चाट्टेर्जी के सुपुत्र हैं. कार्यक्रम में दादा बिमान चाट्टेर्जी, दादी रेखा चाट्टेर्जी सहित पूरे परिवार की गरिमामयी उपस्थिति रही. बड़े पापा पार्थ, छोटे चाचा स्वरूप, बड़ी माँ नंदिता, बड़े भाई शिवाजी, मंझले भाई नेताजी, छोटे भाई देवर्षि, एकमात्र फूफा गौरंग मुखर्जी तथा बहन देवी भी इस शुभ अवसर पर मौजूद रहे.
हिंदू ब्राह्मण परंपरा के अनुसार अन्नप्राशन, यज्ञोपवीत (जनेऊ) और विवाह—ये तीन प्रमुख संस्कार विशेष महत्व रखते हैं. अन्नप्राशन संस्कार के माध्यम से शिशु को पहली बार अन्न ग्रहण कराया जाता है, जिसे अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है. वैदिक मंत्रों एवं नियमों के साथ यह संस्कार ब्राह्मण मंडली की साक्षी में संपन्न हुआ.
उल्लेखनीय है कि शिशु के दादा बिमान चाट्टेर्जी झरना स्थित श्री बाबा रामदास सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्रधानाध्यापक हैं तथा नीलांचल आश्रम के पंडित के रूप में भी समाज में प्रतिष्ठित हैं. वे एक कुशल चंडी पाठकर्ता के रूप में भी अपनी अलग पहचान रखते हैं और समाज में उनकी एक विशिष्ट छवि है.
कार्यक्रम के अंत में ब्राह्मणों को विधिवत भोजन कराया गया तथा सभी ने नवजात शिशु के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की. परिवार में हर्ष एवं उल्लास का वातावरण बना रहा.
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