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रांची/डेस्क: हथियार का भय दिखाकर ठेकेदारों और ईटभट्टा के मालिकों से रंगदारी और लेवी वसूलने के मामले में गिरोह के अपराधी नरेश यादव उर्फ छोटन को राहत नहीं मिली है. अपर न्याययुक्त संजीव झा की कोर्ट ने डिस्चार्ज पिटीशन खारिज कर दी. जंगल में छिपकर रह रहे नरेश यादव को पुलिस ने 16 जून 2024 को गिरफ्तार किया था. नरेश यादव मैक्लुस्कीगंज के जंगल में छिपकर रह रहा था. जिसके पास से एक देशी रायफल और 3 जिंदा कारतूस से लोडेड मैगजीन बरामद किया गया था. 28 मई 2024 को नरेश ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर BSNL कंपनी के फाइबर केबल बिछाने वाली कंपनी से रंगदारी की मांग की थी. रंगदारी नहीं देने पर कंटेनर ट्रक को आग के हवाले कर दिया था. मामले में सभी अपराधियों की गिरफ्तारी हो गई थी. नरेश गिरफ्तारी की डर से जंगल में छिपकर रह रहा था.
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