न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: रांची में 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से दाखिल डिसचार्ज पिटीशन पर अब सुनवाई होने वाली हैं. यह सुनवाई पीएमएलए (PMLA) की विशेष अदालत में की जाएगी.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीते 6 दिसंबर को अदालत में डिसचार्ज पिटीशन दाखिल कर खुद को निर्दोष बताते हुए इस मामले से आरोप मुक्त करने की गुहार लगाई थी. उन्होंने याचिका में कहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और उन्हें राजनीतिक कारणों से फंसाया गया हैं. इस मामले में ईडी ने पहले कई बार कार्रवाई की थी. ईडी ने जमीन कारोबारियों समेत कई लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी. साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पूछताछ के लिए कुल 10 बार समन भेजा गया था, जिनमें से 2 बार उनसे पूछताछ हुई.
31 जनवरी 2024 को लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था. इसके बाद वे करीब पांच महीने तक न्यायिक हिरासत में रहे और बाद में अदालत से उन्हें जमानत मिली. इस जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेएमएम नेता अंतू तिर्की समेत कई जमीन कारोबारियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. ईडी ने इस मामले में पहली चार्जशीट 30 मार्च 2024 को दाखिल की थी, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, बड़गाईं अंचल के निलंबित उप राजस्वकर्मी भानु प्रताप प्रसाद, आर्किटेक्ट विनोद सिंह, रैयत राजकुमार पाहन और जमीन कारोबारी हिलेरियस कच्छप को आरोपी बनाया गया था. इसके बाद ईडी ने दूसरी चार्जशीट 7 जून 2024 को दाखिल की, जिसमें जेएमएम नेता अंतू तिर्की समेत कुल 10 लोगों को आरोपी बनाया गया था.
यह भी पढ़े: रांची: महिला वकील के साथ हुए ST-SC थाना विवाद मामला, अधिवक्ता काला बिल्ला लगाकर कर रहे न्यायिक कार्य